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जैसे जैसे सोशल साइट्स और युवा पीढ़ी आधुनिकता की और बढ़ रही हैं ,ऐसे में यदि कोई व्यक्ति उन्हें ब्लैकमेल करे तो क्या करना चाहिए ये बाते जान ले-

सबसे पहले तो वो ये जान लें कि चुप रहकर वो किसी की मदद नहीं कर रहीं। अपनी तो बिलकुल नहीं। अगर उनको ये डर है कि शिकायत के बाद उनकी तस्वीरें इंटरनेट पर डाल दी जाएंगीं तो वो ये जान लें, शोषण के बाद भी कोई गारंटी नहीं है कि उनकी तस्वीरें सुरक्षित रहेंगीं। वो सिर्फ़ तब ही हो सकता है जब पुलिस साइबर सेल की मदद से उन्हें इंटरनेट से डिलीट करवाए, और वो तभी मुमकिन है जब आप पुलिस से शिकायत करेंगीं।


अगर कोई आपकी अशील तस्वीरें इंटरनेट पर डालने की धमकी दे रहा है तो ये साइबर हरास्स्मेंट है, दो चीज़ें जान लीजिए।

1. अगर कोई भी व्यक्ति ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करे, कोई ऐसी हरकत करे या ऐसा कोई भी ऐसा काम करे, जिससे किसी महिला के सम्मान को ठेस पहुंच रही हो, तो महिला आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) की धारा 509 का इस्तेमाल कर सकती है। धारा 509 कहती है कि कोई शब्द, हरकत या इशारा जो औरत की इज्जत को ठेस पहुंचाती हो, वो अपराध है।

2. अगर कोई आपकी इंटरनेट पर बदनामी कर रहा है या कुछ ऐसा लिख रहा है जिससे आपको मानसिक परेशानी हो रही है, तो आप उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 499 के तहत केस दर्ज करा सकती हैं। धारा 499 के मुताबिक़: कोई शब्द, वाक्य, फोटो या वीडियो जिससे किसी व्यक्ति की बदनामी हो सके, उसे अगर लिखा या शेयर किया गया है, तो इसे अपराध में गिना जाएगा।

तब आप क्या करेंगीं-

अगर आप किसी के खिलाफ साइबर क्राइम की शिकायत दर्ज कराना चाहती हैं, तो आपके पास दो रास्ते हैं:

1. आईपीसी और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत आने वाले जुर्म के खिलाफ आप मामला दर्ज करा सकती हैं, इसके लिए आप अपने सबसे पास के पुलिस स्टेशन जाकर एक FIR करा सकती हैं ये जरूरी नहीं है कि कि आप उसी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं, जिस इलाके में कोई घटना हुई हो।

शिकायत दर्ज कराने के लिए आप वकील की मदद भी ले सकती हैं, पर ये याद रहे कि एफआईआर करते वक्त आपको कुछ कागज़ात और जरूरी सूचना भी देनी पड़गी। जैसे- आपकी ईमेल आईडी, पता, नाम, नंबर और घर का पता। अगर आपकी शिकायत वहां दर्ज नहीं की जा रही है, तो आप न्यायिक मजिस्ट्रेट या कमिश्नर को भी अर्जी लिख सकती हैं।

फिर क्या होगा?

अगर आपके शहर में साइबर क्राइम सेल नहीं है, तो आपको अपने नज़दीकी पुलिस स्टेशन में ही FIR दर्ज करानी होगी। अगर आपके शहर में साइबर सेल है, तो आपको साइबर क्राइम सेल के प्रमुख को एक लिखित शिकायत देनी होगी। इसमें आपको विस्तार से बताना होगा कि आपके साथ क्या-क्या हुआ। आपको अपना पूरा नाम, ईमेल आईडी और पूरा पता फोन नंबर के साथ देना होगा।

अगर आपके साथ जो हुआ, वो संज्ञेय अपराध है यानी गंभीर अपराध है, तो आपने जिसके खिलाफ शिकायत की है, उसे बिना वॉरंट ही गिरफ्तार किया जा सकता है। उसके बाद कार्रवाई शुरू होगी।

अगर आपके साथ जो हुआ, वो कानून असंज्ञेय अपराध है, यानी ऐसा अपराध जिसमें वॉरंट के बिना गिरफ्तारी नहीं हो सकती, तो पुलिस आरोपी को तुरंत गिरफ्तार नहीं कर सकती। पहले तहकीकात होगी, आपको कुछ सबूत जैसे मैसेज, तस्वीरें, ईमेल वगैरह साइबर सेल या पुलिस को देने होंगे। सारी जांच पड़ताल के बाद ही अपराधी अरेस्ट होगा। 
अब अगर कोई इंसान आपकी तस्वीरें इंटरनेट पर डालने की धमकी देकर रेप कर रहा है तो आपको क्या करना चाहिए-

रेप की शिकायत करना बहुत जरूरी है रेप की शिकार किसी महिला को सबसे पहले अपने परिवार, दोस्त या किसी और करीबी को सूचित करना चाहिए, जिस पर वो भरोसा करती हो। यही इंसान पुलिस के लिए सबसे पहला गवाह बनता है, जो कोर्ट की कार्रवाई में भी आगे मदद करेगा।

रिपोर्ट कैसे दर्ज करवाएं-

अपने किसी करीबी को सूचना देने के बाद पुलिस के पास एफआईआर दर्ज कराना होता है। एफआईआर दर्ज कराने के लिए महिला अपने साथ किसी करीबी को भी साथ ले जा सकती है, आमतौर पर एफआईआर उस इलाके की पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई जाती है, जहां घटना हुई हो। ये भी हो सकता है कि शिकायत दर्ज कराने के दौरान वहां का पुलिस इंस्पेक्टर थानाक्षेत्र का हवाला देते हुए, दूसरे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने को कहे। लेकिन भारत का संविधान ये अधिकार देता है कि किसी भी पुलिस स्टेशन में घटना से संबंधित जीरो एफआईआर दर्ज कराई जा सके। इसका मतलब है कि किसी भी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है और बाद में शिकायत संबंधित पुलिस स्टेशन में ट्रांस्फर कर दी जाएगी।

केस दर्ज होने के बाद क्या होता है?

एक बार केस दर्ज होने के बाद पुलिस सबूत के बिनाह तहकीकात शुरू करती है। इस दौरान जिस शख्स पर आरोप लगाया जाता है, उसकी पहचान करनी होती है| इसके लिए ये जरूरी नहीं है कि शिकायत करने वाली महिला को उस शख्स के सामने आना हो, फोटो से भी शिनाख्त होती है। आरोपी की पहचान के बाद उसे गिरफ्तार किया जाता है और उसका मेडिकल चेकअप किया जाता है। अगर इकट्ठा किए गए सैंपल आरोपी से मैच कर जाते हैं, तो केस पक्का हो जाता है। जो भी हो, चुप-चाप सहना बंद कीजिए, जब आपका पार्टनर ब्लैकमेल करने लगे– आपका पार्टनर (बॉयफ्रेंड), यदि ब्लैक-मेलिंग का रास्ता अपना कर आपसे गलत मांग करता है, तो बजाए समर्पण के उसे ईंट का जवाब पत्थर से दें। आपके ऐसा करने पर जहां उसके हौसले पस्त होंगे, वही वह कभी ऐसी मांग नहीं करेगा। प्रेम में जहां युक्तियां अपना सर्वस्व लुटाने को तैयार रहती हैं, वही प्रेमी को सबक सिखाने के लिए भी किसी हद तक जाने में गुरेज नहीं करना चाहिए। ऐसे में अगर आपका प्रेमी, आपसे कोई गलत बात मानने को कहे और आपके ना मानने पर उन अंतरंग क्षणों के उसने जो वीडियो क्लिप बनाए थे, उनको उजागर करने के लिए कहे, तो ऐसे में आप डरे नहीं और ना ही उसकी गलत बातों को माने, बल्कि उसे बोल्ड्ली जवाब दें, कि मैं तुम्हारी ऐसी धमकियों से डरने वाली नहीं हूं, सोसाय।

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Web Title: What to do if someone tries to blackmail? Sure read

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