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नई दिल्लीः लोकसभा चुनावों के लिए अब देश पूरी तरह से तैयार है, पार्टियों ने भी चुनावों के लिए अपना पूरा दमखम लगा दिया है। लेकिन अब की बार फिर से ईवीएम एक मुद्दा बनकर सामने आ गया है। चुनावों से पहले ईवीएम को लेकर बहस छिड़ना और उस पर विवाद होना कोी नई बात नहीं है,लेकिन इस बार तो लोकसबा चुनावों में विपक्षी पार्टियों ने बैलेट पेपर से ही चुनाव करवाने की हामी भरी है। वहीं चुनाव आयोग ने सख्त शब्दों में कह दिया है कि लोकसभा चुनाव होंगे तो सिर्फ ईवीएम से ही होंगे।मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ ने एक बयान दिया है, उन्होनें कहा कि मैं साफ तौर पर बताना चाहता हूं कि हम लोग बैलेट पेपर के जमाने में वापस नहीं जा रहे हैं, हम ईवीएम और वीवपैट से ही चुनाव करवाना जारी रखेंगे। 

CEC Sunil Arora in Delhi: We will continue to use EVMs & VVPATs. We are open to any criticism & feedback from any stakeholder including political parties. At the same time, we are not going to be intimidated, bullied or coerced into giving up these and start era of ballot papers. pic.twitter.com/bco5DOSfTd

— ANI (@ANI) January 24, 2019

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गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त का ये बयान उस समय आया है जब दो दिन पहले ही लंदन में भारतीय मूल के एक हैकर ने दावा किया था कि 2014 के लोकसभा चुनाव में ईवीएम हैक हुए थे और भारतीय जनता पार्टी ने धांधली से चुनाव जीता था।

सुनील अरोड़ा ने कहा कि हम किसी भी तरह की आलोचना और प्रतिक्रिया के लिए तैयार हैं, फिर चाहे वह किसी राजनीतिक दल के द्वारा ही की जा रही हो। उन्होंने कहा कि इसी के साथ ही में लगातार हो रही आलोचना के बावजूद ईवीएम और वीवीपैट को नहीं छोड़ेंगे और बैलेट पेपर के जमाने में नहीं जाएंगे।

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कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी पार्टियों ने कहा था कि एक्सपर्ट द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच होनी चाहिए। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों को निराधार बताया था। वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से कहा गया था कि हैकर की ओर से किए जा रहे सभी दावे कांग्रेस प्रायोजित हैं। गौरतलब है कि हैकर की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे थे, जिसपर भारतीय जनता पार्टी ने सवाल खड़े किए थे।

हालांकि, कपिल सिब्बल ने सफाई देते हुए कहा था कि वह पार्टी की ओर से वहां पर नहीं गए थे बल्कि उन्हें बुलावा भेजा गया था। कपिल सिब्बल का कहना था कि अगर कोई ईवीएम पर सवाल खड़े कर रहा है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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गौरतलब है कि ऐसा पहली बार नहीं है जब ईवीएम पर सवाल खड़े हुए हैं। इससे पहले भी बसपा सुप्रीमो मायावती, समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े विपक्षी नेताओं ने ईवीएम की सत्यता पर सवाल उठाए थे।

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Web Title: We will continue to use EVMs and VVPAT said CEC Sunil Arora

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