Advertisement
image

चीन व अमेरिका के बीच व्यापारिक युद्ध शुरू होने के एक हफ्ते में नयी स्थिति पैदा हुई। स्थानीय समयानुसार 10 जुलाई की रात को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने और दो खरब अमेरिकी डॉलर वाले चीनी उत्पादों पर 10 प्रतिशत का टैरिफ़ बढ़ाने की घोषणा की। इस पर चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती। अपने देश के केंद्रीय हितों व जनता के बुनियादी हितों की रक्षा के लिये चीन सरकार पहले की तरह इसका जवाब देगी।

इस बार अमेरिका ने और दो खरब डॉलर वाले उत्पादों पर टैरिफ़ बढ़ाने की सूची जारी की। जिसका लक्ष्य है चरम दबाव डालना। ताकि चीन जवाब देना  छोड़कर रियायत दे। पर वास्तव में इस सूची को पारित करने के लिये आम राय जानने की ज़रूरत है। इस प्रक्रिया में दो महीने लगते हैं। इस दौरान बहुत अनिश्चितताएं मौजूद होंगी। उधर देश के केंद्रीय हितों व जनता के बुनियादी हितों के मामले पर चीन कोई रियायत नहीं देगा। इसलिये चीन ज़रूर व्यापक कदम उठाकर अमेरिका को जवाब देगा।

पर एक दिलचस्प बात यह है कि ह्वाइट हाऊस के व्यापारिक आतंकवाद का कुप्रभाव दिन-ब-दिन स्पष्ट हो रहा है। ज्यादा से ज्यादा अमेरिकी उद्यम व जनता ने इस व्यापारिक आतंकवाद का विरोध करने में भाग लिया। हाल ही में अमेरिकी राजनीतिक व व्यापारिक जगतों के कई प्रसिद्ध व्यक्तियों व उद्यमों ने चीन के साथ लंबे समय तक सहयोग करने की इच्छा प्रकट की।

(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)

पंजाब और देश - विदेश से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक। Youtube

Web Title: us cooperate china terrorism


advertisement
free stats Web Analytics