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व्यापारिक युद्ध के निरंतर बढ़ने की छाया में अमेरिकी उपक्रमों ने क्रमशः बाजार नियम के अनुकूल में विकल्प चुना है। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक चूंकि अमेरिका ने 50 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य वाले चीनी उत्पादों पर टैरिफ़ लगाया। चीनी पुरानी मोटर कंपनी फोर्ड ने हाल में चीन में उत्पादित छोटी मोटर गाड़ियों की अमेरिका में बिक्री करने की योजना को रद्द किया। कारण है कि इस गाड़ी पर अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने के बाद अमेरिका में बिक्री की कीमतें बहुत अधिक होंगी। इस के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्विटर पर कहा कि यदि फोर्ड की गाड़ी अमेरिका में निर्मित होती है तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाएगा। जबकि फोर्ड कंपनी ने 10 सितंबर को घोषणा की कि कंपनी के पास इस मोटर गाड़ी के उत्पादन को अमेरिका में वापस स्थानांतरित करने की योजना नहीं है।

उधर अमेरिका की सब से बड़ी विज्ञान व तकनीक कंपनी एपल कंपनी ने हाल में अमेरिकी व्यापारी प्रतिनिधि दफ्तर को पत्र भेजकर कहा कि यदि अमेरिका 2 खरब अमेरिकी डॉलर मूल्य वाले चीनी उत्पादकों पर टैरिफ बढ़ाता है, तो एपल कंपनी का खर्चा बढ़ेगा। इससे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उस कंपनी पर बुरा असर पड़ेगा। तो क्या एपल कंपनी अमेरिका में कारखाने खोलेगी। अनेक विश्लेषकों का मानना है कि एपल कंपनी यह कदम नहीं उठाएगी, चूंकि इस से कंपनी के खर्चे बड़े हद तक बढ़ जाएंगे और कंपनी की प्रतिस्पर्द्धा शक्ति कम होगी।

फोर्ड और एपल अमेरिका की दो मशहूर कंपनियां हैं। वे इसलिए उत्पादन लाईन को अमेरिका में स्थानांतरित नहीं करना चाहतीं हैं। कारण यह है कि आर्थिक भूमंडलीकरण की पृष्ठभूमि में चीन में उन के उत्पादों का निर्माण करना बड़े हद तक कार्य क्षमता को उन्नत करना है और कीमतों को भी नियंत्रित किया जा सकता है। जिस से कंपनियों को अधिक लाभांश मिले और और बड़ा विकास हो।  

फोर्ड और एपल के विकल्प से यह जाहिर है कि व्यापारिक युद्ध से उपक्रमों को अमेरिका वापस खींचना नामुमकिन है। आर्थिक भूमंडलीकरण की परिस्थिति में विश्व में चीन जैसा एक बाजार शायद नहीं है, जहां विश्व के विभिन्न स्थलों से आए तकनीकी मजदूर, इंजीनीयर और अनुसंधान टीमें मौजूद हैं, जो विभिन्न देशों और पूंजी निवेशकों को बुनियादी संरचनाओं और लॉजिस्टिक आदि उत्पादन की आवश्यक शर्त होती है।

हाल में अमेरिका की सब से बड़ी तेल कंपनी एक्सॉन मोबिल ने घोषणा की कि वह चीन के क्वांग तोंग प्रांत में 10 अरब अमेरिकी डॉलर की पूंजी देकर बड़ी तेल व रासायनिक परियोजना का निर्माण करेगी। यह एक अच्छी मिसाल है। एक विश्व स्तरीय उपक्रम के लिए यदि वह सचमुच समुन्नत प्रतिस्पर्द्धा शक्ति चाहती है, तो उसे सिर्फ एक शहर, एक देश और एक निश्चित क्षेत्र में सीमित नहीं रहना चाहिए। उसे पूरे विश्व में जड़ें जमानी चाहिए और मानव जाति की सेवा करने की प्रक्रिया में अपना मूल्य साकार करना चाहिए।

(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)

 

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Web Title: Ford and Apple do not want to move back to the US

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