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नई दिल्ली: 2019 लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। एक तरफ जहां कई पार्टियां लोकसभा चुनाव की तैयारियां करे हैं वहीं इस समय बड़ी खबर ये सामने आ रही है कि इस बार मायावती लोकसभा चुनाव में हिस्सा नहीं ले रही हैं। मायावती खुद लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी बल्कि गठबंधन उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगी। सबसे खास बात ये है कि वो अपने कट्टर विरोधी रहे मुलायम सिंह यादव के लिए मैनपुरी में रैली भी करेंगी। अकेले यूपी में ही मायावती की तैयारी 39 चुनावी सभाएं करने की है। सात अप्रैल को देवबंद से से मायावती यूपी में चुनाव प्रचार का श्री गणेश करेंगी। 

उस दिन अखिलेश यादव और चौधरी अजीत सिंह के साथ मायावती मंच पर पहली बार नज़र आयेंगी। अगली सभा मेरठ में 8 अप्रैल को होगी। मायावती ने तो मुलायम सिंह यादव के लिए मैनपुरी जाकर वोट माँगने का फ़ैसला किया है। 19 अप्रैल को वहां समाजवादी पार्टी और बीएसपी की साझा रैली है। सबसे दिलचस्प होगा मायावती और मुलायम सिंह यादव को एकसाथ मंच पर देखना। पच्चीस सालों से दोनों को एक दूसरे की शक्ल तक देखना पसंद नहीं रहा। अखिलेश यादव की कोशिश से दोनों नेता साथ तो आ गए, लेकिन पब्लिक के सामने एक दूसरे के लिए क्या कहते और करते हैं। इस पर देश भर की नज़र रहेगी।

साल 1993 में बीएसपी और समाजवादी पार्टी में चुनावी तालमेल हुआ था। ये उस दौर की बात है जब राम मंदिर का आंदोलन चरम पर था। लेकिन बीएसपी एसपी गठबंधन की सरकार मुलायम सिंह की अगुवाई में बनी। फिर दो सालों बाद ही गेस्ट हाउस कांड हो गया। फिर तो मुलायम और मायावती एक दूसरे के जानी दुश्मन बन गए। लेकिन अब वही मायावती कन्नौज में डिंपल यादव के लिए रैली करेंगी। अखिलेश की पत्नी डिंपल यहाँ से दो बार सांसद रह चुकी हैं। 25 अप्रैल को कन्नौज में एसपी और बीएसपी की साझा रैली है। अब तक मिला जानकारी के हिसाब से अखिलेश यादव ख़ुद आज़मगढ़ से चुनाव लड़ेंगे। मायावती उनके लिए 8 मई को चुनावी सभा करने उतरेंगी। 


 

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Web Title: Lok Sabha polls will not fight for Mayawati, Mulayam will campaign

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