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उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में यमुना, केन और बेतवा नदियों में बाढ़ के कारण बांदा, हमीरपुर और चित्रकूट जिलों के कई गांवों में पानी घुस गया और हजारों बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। बुंदेलखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बांधों से पानी छोड़ने के कारण इन जिलों में यमुना नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। बांदा के जिलाधिकारी हीरालाल ने बुधवार को बताया कि चार दिन से लगातार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से यहां पैलानी, खप्टिहा कलां और चिल्ला क्षेत्र के तीन दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हैं तथा कई सड़कें टूट गयी हैं। 

तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खेतों में पानी भरने की वजह से बरबाद हुई फसल का आकलन करें। जिलाधिकारी ने बताया कि केन और यमुना नदी में आई बाढ़ से पैलानी तहसील क्षेत्र के काना खेड़ा, सबादा, महबरा, पिपोदर, चौकीपुरवा, तनगामऊ, हूसी पुरवा, गाजीपुर, बड़ा गांव, गडोला समेत दो दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उन्होंने जल आयोग, बांदा कार्यालय द्वारा जारी बाढ़ बुलेटिन के हवाले से बताया कि चिल्ला घाट में यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हमीरपुर के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि मंगलवार की शाम यमुना नदी खतरे का निशान पार कर दो मीटर और बेतवा आधा मीटर ऊपर बह रही थी। बाढ़ से प्रभावित लोगों को बाढ़ राहत शिविरों में ठहराया गया है। चित्रकूट के जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने बताया कि पयस्वनी नदी में आई बाढ़ से डेढ़ दर्जन गांव बुरी तरह प्रभावित हैं।

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Web Title: Bundelkhand: Flood water enters many villages, farmers' crop ruined

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