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नई दिल्लीः हरियाणा में गुड़गांव और कुछ अन्य स्थानों पर खुले में नमाज में पढ़ने का कुछ हिंदूवादी संगठन द्वारा विरोध किए जाने की वजह से पैदा हुए विवाद के स्थायी समाधान के लिए राज्य वक्फ बोर्ड ने अपने अधिकार क्षेत्र के भूखंडों का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।

राज्य के वक्फ बोर्ड ने नमाज के लिए अपने अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले भूखंडों को चिन्हित करने का काम शुरु भी कर दिया है। उसका कहना है कि सिर्फ गुड़गांव में उसकी 20 ऐसी जगहें हैं जिनका इस्तेमाल नमाज के लिए हो सकता है, हालांकि इनमें से कुछ संपत्तियों पर अतिक्रमण है। हरियाणा वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहीश खान ने मीडिया को बताया, ‘‘हम राज्य में इन इलाकों में अपनी संपत्तियों को चिन्हित कर रहे हैं जिनका इस्तेमाल जुमे की नमाज के लिए हो सकता है। गुड़गांव में हमने ऐसी 20 संपत्तियों को चिन्हित किया है। इनमें से कुछ पर अतिक्रमण है और हम प्रशासन के साथ मिलकर इस अतिक्रमण को हटाने की कोशिश कर रहे हैं।’’

 हाल ही में गुड़गांव में कुछ इलाकों में खुली जगह पर जुमे की नमाज पढ़े जाने का कुछ हिंदूवादी संगठनों ने विरोध किया था। इसको लेकर विवाद उठ गया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि नमाज मस्जिदों और ईदगाहों में ही पढ़ी जानी चाहिए। बाद में प्रशासन ने जुमे की नमाज के लिए कुछ स्थान चिन्हित किए, हालांकि कुछ संगठन इसका विरोध कर रहे हैं।

रहीश खान के मुताबिक, हरियाणा में वक्फ बोर्ड के पास करीब 12 हजार संपत्तियां हैं और इनमें से लगभग चार हजार पर अतिव्रमण है जो बोर्ड के लिए बड़ी समस्या है।
उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों के लीज संबंधी नियमों में स्पष्टता नहीं होने की वजह से राज्य वक्फ बोर्डों को काफी दिक्कत हो रही है और खासकर राजस्व में वृद्धि नहीं हो पा रही है। गौरतलब है कि केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने लीज संबंधी नियमों की समीक्षा के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है।

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Web Title: wakf board will use its land for namaz in haryana

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