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जालंधर: लोकसभा चुनाव से पहले जिस भक्ति भाव से प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी ने श्री केदारनाथ में पूजा अर्चना की और गुफा में तपस्या लगाई, उसके बाद केदारनाथ धाम लोगों के आकर्षण का अलग ही केंद्र बन गया है। जिन श्रद्धालुओं को श्री केदरानाथ के बारे में जानकारी नहीं थी, वह भी अब केदारनाथ बाबा के दर्शन करने को उतावले नजर आ रहे हैं। यही कारण है कि इस बार शुरुआती 30 दिनों में ही चारधाम यात्र में आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या के सारे रिकार्ड टूट गए हैं। प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी के आगमन के अलावा इस बार चार धाम यात्र मार्ग पर पड़ रही बर्फबारी भी तीर्थयात्रियों व पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। अब तक शुरुआती 30 दिनों में रिकार्ड 18 लाख तीर्थयात्री चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। जबकि पिछले साल शुरुआती 30 दिनों में यह संख्या 11.10 लाख तीर्थयात्री आए थे। अकेले 10 को ही श्री केदारनाथ धाम के 36027 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए, जो कि एक रिकार्ड है।

पिछले साल के मुकाबले इस साल 30 दिनों में तकरीबन 6.90 लाख तीर्थयात्री ज्यादा आए हैं। उतराखंड पर्याटन विभाग के अनुसार पिछले साल पूरे चारधाम यात्र सीजन के दौरान कुल 27 लाख 81 हजार 428 तीर्थयात्री आए थे। रुद्रप्रयाग के रहने वाले सामाजिक कार्यकत्र्ता अनुसुया प्रसाद मलासी का कहना है कि चारधाम यात्र में तीर्थयात्रियों की तदाद बढ़ने का प्रमुख कारण इस बार प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी के केदारनाथ और बद्रीनाथ में आना और चारधामों के कपाट खुलने के बाद भी जमकर बर्फबारी होना है। गर्मियों में मैदानी क्षेत्रों से पर्यटक ठंड का आनंद लेने के लिए चारधामों की यात्र की ओर आर्कषित हो रहे हैं।

क्योंकि इन चार धामों के कई यात्र मार्ग में अभी भी चार से पांच फुट तक बर्फ जमी हुई है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी ने जिस तरह केदारनाथ में ध्यान गुफा में तपस्या की और केदारनाथ मंदिर में बड़े भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की, उससे केदारनाथ की यात्र का जमकर प्रचार हुआ। जिन लोगों को केदारनाथ के बारे पता नहीं था, उनमें भी यहां आने की उत्सुकता देखने को मिल रही है। टिहरी के रहने वाले सामाजिक कार्यकत्र्ता देवेंद्र का कहना है कि केंद्र सरकार ने दो साल से केदारनाथ में निर्माणधीन आल वेदर रोड का जिस तरह से प्रचार किया, उससे देश विदेश में यह संदेश गया कि अब उतराखंड के चार धामों को जाने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। यह सड़क पूरी न होने के कारण यहां आए तीर्थयात्रियों को भले ही परेशानी का सामना करना पड़ा, मगर चारों धाम के दर्शन की लालसा उन्हें यहां खींच ला रही है। 

उतराखंड बना आकर्षन का केंद्र

अशांत कश्मीर घाटी में पर्यटकों का जाना लगभग बंद हो गया है। गर्मियों की छुट्टियों में पहाड़ी इलाकों की सैर करने के लिए उतराखंड की ओर पर्यटकों का रुझान बढ़ा है। वैसे उतराखंड तीर्थयात्रियों व पर्याटकों का घालमेल सा हो गया है। पहले तीर्थयात्री धार्मिक भावना से चारों धामों के दर्श्न करने के लिए आते थे, मगर अब पर्यटकों ने चार धाम यात्र का स्वरूप भी बिगाड़ दिया है। उतराखंड पर्यटन विभाग का कहना है कि इस बार चार धाम यात्र को लेकर सोशल मीडिया पर भी जमकर प्रचार किया गया। इस कारण भी तीर्थयात्रियों व पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।

नोडल अधिकारी सीमा शर्मा का कहना है कि अकेले 10 जून को ही चार धामों और हेमकुंड साहिब में से सबसे ज्यादा 36 हजार 27 तीर्थयात्रियों ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। केदारनाथ यात्र शुरु होने के एक महीने बाद अब तक 6 लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। इसी तरह बद्रीनाथ धाम में 10 जून को 24 हजा 124 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए। यहां भी अब तक एक महीने में 5.50 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं। हेमकुंड साहिब में 1 जून से 15 जून तक तकरीबन 1 लाख तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। इस बार उतराखंड पर्यटन विभाग ने चारो धाम व हेमकुंड साहिब में आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या आंकलन के लिए विशेषज्ञों की एक टीम तैनात कर रखी है। 

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Web Title: Travel brand of Kedarnath after worshiping Modi

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