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नई दिल्ली: दूरसंचार विनियामक एवं विकास प्राधिकरर्ण ट्राई ने बीएसएनएल की सैटलाइट फोन सेवा पर एक प्रतिशत की दर से स्पेक्ट्रम शुल्क लगाने की सिफारिश की है। वर्तमान में इस पर फार्मूला आधारित शुल्क लगता है। बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने मीडिया से कहा कि दूरसंचार विभाग यदि दूरसंचार क्षेत्र नियामक ट्राई की सिफारिशें स्वीकार कर लेता है तो  इससे सैटलाइट फोन सेवा के उपयोग की लागत 50 प्रतिशत तक कम हो सकती है।

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ट्राई ने अग्रिम तौर पर लिए जाने वाले फार्मूला आधारित स्पेक्ट्रम शुल्क के स्थान पर समायोजित सकल राजस्र्व एजीआरी आधारित शुल्क की सिफारिश की है। बीएसएनएल वैश्विक सैटलाइट फोन सेवा उपलब्ध कराती है। इसके लिए वह आईएनएमएआर सैट का उपयोग करती है। यह सेवा सूदूर इलाकों में अंतिम उपयोक्ता को संचार एवं आकस्मिक सेवाओं को पहुंचाने में उपयोग की जाती है। इस सेवा का अधिकतर उपयोग रेलवे, रक्षा, आपदा प्रबंधन और नौवहन एजेंसियां करती हैं।

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कंपनी का कहना था कि स्पेक्ट्रम शुल्क बहुत ज्यादा होने की वजह से यह सेवा वहनीय नहीं रह गई है।ट्राई ने अपनी नवीनतम सिफारिशों में कहा है कि बीएसएनएल की सैटलाइट फोन सेवा के मामले में फामरूला आधारित स्पेक्ट्रम शुल्क के स्थान पर एजीआर आधारित स्पेक्ट्रम शुल्क लगाया जाना चाहिए। इस प्रणाली से हैंडसेट और गेटवे दोनों के लिए पूरा स्पेक्ट्रम शुल्क वसूला जा सकेगा। इसके लिए स्पेक्ट्रम शुल्क बीएसएनएल की सैटलाइट आधारित सेवाओं के एजीआर का एक प्रतिशत होना चाहिए।

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Web Title: TRAI recommends to levy spectrum charges on BSNL's satellite phone service

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