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नाहन: ग्रामीण विकास जीवन का आधार है, जिसका मूल उद्देश्य लोगों के सामाजिक आर्थिक जीवन में सुधार लाना है। स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत ग्रामीण विकास और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम भारत एवं प्रदेश सरकार का सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम रहे है तथा देश में सामुदायिक विकास कार्यक्रम की शुरुआत 2 अक्तूबर,1952 को हुई थी। भारत व प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए अनेक कार्यक्रम जिला ग्रामीण विकास अभिकरण और स्थानीय ग्राम पंचायतों के माध्यम से कार्यान्वित किए जा रहे है, जिससे आमजन लाभान्वित हो रहे हैं। जिला सिरमौर को छ: विकास खण्डों राजगढ़, पच्छाद, नाहन, संगड़ाह, पांवटा और शिलाई के माध्यम से ग्रामीण विकास कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। 

महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार लोगों के लिए काफी कारगर सिद्ध हो रही है। सिरमौर जिला में मनरेगा कार्यक्रम के तहत कुल 84 हजार कार्ड होल्डर है जिन्हें मांग के आधार पर अपनी ही पंचायत में 120 दिन का वैकल्पिक रोजगार सुनिश्चित किया जा रहा है। सिरमौर जिला में चालू वित वर्ष के दौरान मनरेगा कार्यक्रम के तहत 41 करोड़ की राशि व्यय करके 12 लाख कार्यदिवस अर्जित किए जा चुके हैं। इस कार्यक्रम में 41 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। मनरेगा कार्यक्रम के तहत जिला में कुल सात हजार विकास कार्य कार्यान्वित किए जा रहे है। जिनमें से 2767 विकास कार्य पूर्ण हो चुके और शेष विकास कार्यो का कार्य प्रगति पर है।  


 

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Web Title: Rural development programs change fate

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