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चंडीगढ़ : सदन में आप नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब में सरबत का भले का जिक्र है। खैहरा ने कहा कि देश की आजादी में सिखों का योगदान सबसे अधिक रहा है। पंजाब को हमेशा ही भेदभाव का शिकार होना पड़ा है। केरला में बाढ़ के दौरान पंजाबियों ने दिल खोल कर मदद की। खैहरा ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी तब हुई जब राज्य में अकाली दल की सरकार थी। प्रकाश सिंह बादल ने युवकोें पर गोलियां चलवाईं।

इस मौके पर कांग्रेस विधायक अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि एसजीपीसी के प्रधान भी लिफाफे से लगते हैं। लिफाफे से अकाल तख्त के जत्थेदार लगाए गए। उन्होेंने कहा कि सुच्चा सिंह लंगाह जैसे लोगों को धर्म प्रचार कमेटी का प्रधान बनाया गया था। कोलियंवाली जैसे लोगों को एसजीपीसी का उप प्रधान लगाया गया। उन्होंने कहा कि अगर एेसे लोग शिरोमणि गुरुद्वारा प्रंबधक कमेटी में बैठेंगे तो सिखी का क्या प्रचार होगा।  

अपने फायदे के लिए कानून से खिलवाड़ किया : अमन अरोड़ा

पंजाब विधानसभा में जस्टिस रणजीत कमीशन पर आप विधायक अमन अरोड़ा ने बोलना शुरू कर दिया है। अमन ने कहा कि अपने फायदे के लिए कानून से खिलवाड़ किया गया। अमन अरोड़ा ने कहा कि यह केस सीबीआई से वापस लिया जाए। तीन महीने में इस केस की जांच करके इस मामले को खत्म किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए इस मामले को जल्द निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ भाषणों से कुछ नहीं होगा। सरकार फैसला करे कि 31 दिसंबर से पहले इन मामलों को निपटाया जाए। आरोपियों को एेसी सजा मिलनी चाहिए कि कोई एेसी बात सोचने से भी कतराए। 

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि आज एक एेतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि मैंने सुना था चोर की दाढ़ी में तिनका होता है। सिद्धू ने कहा अकाली दल में सच सुनने की ताकत नहीं है। सिद्धू ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मांग की कि गुनहगारों को सजा मिलनी चाहिए। सिद्धू ने शायराना के अंदाज में अकाली दल पर निशाना साधा। सिद्धू ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल की उम्र हो चली है और जाते हुए वो अपने साथ काला धब्बा लेकर जाएंगे। सिद्धू ने कहा कि एक तरफ लोग शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन वहां पर निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाई गईं। उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह बादल भी जनरल डायर की तरह दोषी हैं।

- आप विधायक और वकील एचएस फूलका ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब कोई आम ग्रंथ नहीं है। फूलका ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अपनी बनाई गई एसआईटी को कहें कि तीन महीने में जांच पूरी करे। उन्होंने कहा कि सीबीआई से ये केस वापस लिया जाए। उन्होंने बेअदबी केसों के लिए एक्सक्ल्यूसिव कोर्ट की मांग की। उन्होंने कहा कि सीएम ने 1984 दंगों को लेकर जो बयान दिया है वह उसके लिए उनका धन्यवाद करते हैं।

- रणजीत सिंह कमीशन रिपोर्ट पर पूरा वक्त ना दिए जाने के विरोध में अकाली दल की ओर से समानांतर सत्र चलाया जा रहा है। अकाली दल ने बटाला से विधायक लखबीर सिंह लोधीनंगल को अपनी विधानसभा का स्पीकर नियुक्त किया है।

- सदन में जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट पर चर्चा शुरू हो गई है। 2 घंटे तक बहस चलेगी। रणजीत सिंह कमीशन रिपोर्ट पर बहस के लिए बीजेपी को 3 मिनट, लोक इंसाफ पार्टी को मिले दो मिनट, कांग्रेस को 1 घंटे 20 मिनट, आप को 20 मिनट, अकाली दल को 14 मिनट मिले हैं। समय कम देने की वजह से अकाली दल ने नारेबाजी की। वहीं कांग्रेसी विधायकों ने अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल चोर-चोर के नारे लगाए।

स्टेट सिक्योरिटी बोर्ड में जिम्मेदार लोग हों शामिल : कंवर संधू

आप विधायक कंवर संधू ने कहा कि वो यह कहना चाहते हैं कि देश में आज
गलत नीति अपनाई जा रही है कि जब भी किसी पुलिस अधिकारी की रेटिरेमनेंट होने के लिए 15 दिन बचे होते हैं तो उन्हें एक्सटेंशन दिया जाता है, बल्कि होना यह चाहिए कि जिस अधिकारी की रेटिरेमनेंट को 2 साल रह जाये उन्हें डीजीपी का रैंक दिया जाए। कंवर संधू ने कहा कि जो स्टेट सिक्योरिटी बोर्ड बनाये गए हैं उसमें किसी जिम्मेदार व्यक्ति को शामिल किया जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेट सिक्योरिटी पुलिस कमीशन में lop, मुख्यमंत्री, होम मिनिस्टर, एडवोकेट जनरल और अन्य ख्याति प्राप्त व्यक्ति भी शामिल हैं।

कंवर संधू और खैहरा की कांग्रेस से सेटिंग, को चाहते हैं : मजीठिया

अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने कहा कि कंवर संधू नेता प्रतिपक्ष के नाम के आगे अभी भी सुखपाल सिंह खैहरा को चाहते हैं, क्योंकि हरपाल चीमा को तो वह अपना lop मानते ही नहीं। इसलिए उनके अंदर की भावना यह थी कि जो सिक्योरिटी कमीशन बनाया गया है उसका हिस्सा सुखपाल खैहरा हो। इसलिए वह कह रहे हैं असल में सच बात तो यह है कि सुखपाल सिंह खैहरा और कंवर संधू की सेटिंग हो गई है और बस वह अब कभी भी कांग्रेस के साथ हाथ मिलाना चाहते हैं।

पंजाब विधानसभा में मानसून सत्र के आखिरी दिन शिअद प्रधान सुखबीर बादल के आरोपों पर सदन में बहस हुई। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुखबीर बादल में तकरार के बाद अकाली दल ने सदन से वॉकआउट किया। अकाली दल ने जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन रिपोर्ट को गलत बताया और इसे लेकर सदन से वाकआउट कर दिया।

सदन में सुखबीर बादल से बहस करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अकाली दल के प्रधान के हाथ में जो फ़ोटो है वो उनके पास है जिसमें बरगाड़ी मामले को लेकर वो सिख डेलिगेशन से मिले थे जिसमें यह बताया जा रहा है कि वो जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल से मिले हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वो दादूवाल को नहीं पहचानते, क्योंकि उनसे बहुत लोग मिलते हैं और केवल बेअदबी के मामलों को लेकर कई जत्थेदारों के साथ मुलाकात हुई है।

सुखबीर बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास कई ऐसे लोग भी मिलने आये हैं जिनमें खालिस्तानी समर्थक भी शामिल हैं बल्कि पिछले 10 वर्षों में एक बार भी कोई खालिस्तानी मुख्यमंत्री आवास नहीं आया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि जिन टावर्स अकाली दल द्वारा दिखाए गए हैं वह एग्जिस्ट ही नहीं करते इसलिए सुखबीर सिंह बादल झूठ बोल रहे हैं।

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Web Title: Punjab assembly: Akali Dal walkout after Quarrel between Captain and Sukhbir

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