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शिमला: औद्योगिक प्रदूषण हिमाचल प्रदेश की 7 नदियों के पानी को जहरीला बना रहा है। प्रदेश के औद्योगिक कस्बों से गुजरने वाली नदियों के अलावा दूसरे भागों की नदियां भी लगातार प्रदूषित हो रही हैं। देश में 323 नदियों में प्रदूषण के स्तर को लेकर जारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में हिमाचल की सरसा, सुखना, मारकंडा, अश्वनी, ब्यास, गिरी तथा पब्बर नदी को शामिल किया गया है। इसके अलावा घग्घर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने पहले ही टास्क फोर्स का गठन किया है।

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देश की नदियों में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण अथवा नदियों के पानी के लगातार जहरीला होने के मामलों पर संज्ञान लेते हुए एन.जी.टी. ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सी.पी.सी.बी.) को नदियों में प्रदूषण के स्तर के अध्ययन की रिपोर्ट देने को कहा था। सी.पी.सी.बी. ने बीते सितंबर माह में अपनी रिपोर्ट एन.जी.टी. को सौंपी है। सनद रहे कि सी.पी.सी.बी. की रिपोर्ट में शामिल हिमाचल की 7 नदियों में सुखना, मारकंडा और सरसा की हालत सबसे खराब है।

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रिपोर्ट के अध्ययन के बाद एन.जी.टी. ने नदी संरक्षण समिति व विशेष पर्यावरण निगरानी टास्क फोर्स का गठन किया। सरसा के प्रदूषण के मुद्दे को लगातार उजागर करने वाली संस्था हिम धरा ने इस मुद्दे पर टास्क फोर्स को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में हिमधरा समूह ने सरसा नदी को प्रदूषित करने वाले मुख्य कारणों पर प्रकाश डाला, जिसमें बी.बी.एन. औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला औद्योगिक अपशिष्ट, कैमिकल युक्त पानी, नगर निकाय का अवैध कचरे का डम्प और गैरकानूनी तौर पर हो रहा खनन जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है। 

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Web Title: Poisoned by industrial pollution in Himachal's 7 rivers

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