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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि सुषमा स्वराज ने एक विदेश मंत्री के रूप में प्रोटोकॉल से बंधे रहने वाले विदेश मंत्रलय को आम लोगों से जोड़ दिया था। मोदी ने यहां एक श्रद्धांजलि सभा में कहा कि उन्होंने (स्वराज) उनसे संयुक्त राष्ट्र में अपना पहला भाषण पहले से तैयार मूलपाठ (टेक्स्ट) से देने का अनुरोध किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने उनसे बहुत कुछ सीखा था और पहली बार प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले भाषण के बारे में उनसे बात की थी।

मोदी ने कहा, ‘‘स्वराज ने पूछा कि आपका भाषण कहां है, तो मैंने कहा कि मैं अपने भाषण कभी नहीं लिखता हूं क्योंकि मुझे यह मुश्किल लगता है।’’ प्रधानमंत्री ने बताया, ‘‘इस पर स्वराज ने कहा, ‘‘ऐसा नहीं होता है भाई। आपको दुनिया के सामने भारत के बारे में बोलना है। आप अपनी इच्छानुसार नहीं बोल सकते। मैं प्रधानमंत्री था और वह विदेश मामलों के मंत्रलय का कामकाज संभालने वाली मेरी सहयोगी थीं।’’ मोदी ने कहा कि उन्होंने एक लंबी यात्र की थी और ‘नवरात्र’ के कारण उपवास पर भी थे लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वह अपने विचारों को साझा करें।

उन्होंने कहा कि मंत्रलय ने फिर उनके लिए एक भाषण तैयार किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वराज मंत्रलय से संबंधित या विदेशों में भारतीयों के सामने आने वाली समस्याओं पर तुरन्त कार्यवाही करती थी। गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा समेत भाजपा के कई नेताओं और कांग्रेस के नेता आनंद शर्मा, तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी, बीजद के पिनाकी मिश्र, लोजपा के रामविलास पासवान, शिवसेना के अरविंद सावंत और विपक्षी नेता शरद यादव उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने श्रद्धांजलि सभा में अपने विचार रखे।
 

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Web Title: PM Modi said in a tribute meeting of Sushma Swaraj- He had connected the Ministry of External Affairs to the common people

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