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न मीट की दुकानें हटी न अवैध कब्जा, 3 दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
9 अप्रैल को दिए डीसी व एसडीएम के आदेश नहीं मान रहे अधिकारी

 कैथल के उच्च अधिकारियों के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हंै निम्न स्तर के अधिकारी। इसका खुलासा उस समय हुआ जब कैथल की डीसी सुनीता वर्मा व एस डी एम कमलप्रीत कौर ने अपने अधिकारियों को कैथल ट्रक यूनियन के सामने सड़क व उसके पास से अवैध मीट की दुकानें व अवैध कब्जा कर दो मार्गी बंद रास्ते को खोलने के लिये आदेश दिये थे परन्तु तीन दिन के बाद भी उनके आदेशों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्लेखनीय है कि 9 अप्रैल को ये दोनों प्रशासनिक अधिकारी कैथल मंडी के दौरे के दौरान मंडी के आढ़तियों को समस्याओं के बारे में पूछा था। मंडी के प्रधान कृष्ण मित्तल व अन्य आढ़तियों ने उनको अवगत करवाया था कि जाखौली अड्डा से ट्रक यूनियन के सामने वाली सड़क डबल मार्ग बना हुआ है, परन्तु इसके बाद इसके दोनो मार्गों पर अवैध कब्जा रहता है और हर समय स्थिति जाम की रहती है। सड़कों के किनारों पर अवैध कब्जा करके दुकानें बना ली गई है। सड़कों पर सरेआम अवैध मीट की दुकानें है। लोग शराब पीकर व मीट खाकर झूमते नजर आते हैं। इनके साथ- साथ निकट रहने वाली कालोनियों के लोगों ने भी उसी समय इन अधिकारियों से शिकायत की थी।  शिकायत पर इन दोनों अधिकारियों ने नगर परिषद् व पुलिस विभाग को तत्काल दोनों मार्गों से अवैध बनी हुई दुकानें गिराने, अवैध कब्जा हटा कर दोनों मार्गों को खाली करवाने तथा मीट का अवैध कारोबार बंद करवाने के आदेश दिये थे। इसके साथ सारी कार्रवाई करने के बाद सांय तक रिपोर्ट भी मांगी थी, परन्तु तीन दिन का समय बीत जाने के बाद इस मार्ग की स्थिति ज्यों की त्यों बना हुई है। आदेश न मानने पर नुक्सान का जिम्मेवार कौन?: जब जिला के प्रशासनिक अधिकारी सरकार व अपने उच्च अधिकारियों के आदेश नहीं मानते और उसके बाद सरकार को भारी नुक्सान हो जाता है तो उसमें कौन जवाबदेही बनता है और नुक्सान की जिम्मेवारी उन अधिकारियों की क्यों नहीं है? मंडी के अंदर सबसे बड़ी समस्या बंद पड़े सीवरेज को खोलने की थी। निम्न स्तर के अधिकारियों ने रिपोर्ट ओके की बना कर दी, परन्तु सीजन शुरू होते ही हल्की बरसात हो गई और किसानों की फसल पानी में तैरती नजर आई। सीवरेज व्यवस्था बंद मिली। जब बंद सीवर देख कर उपायुक्त सुनीता वर्मा से तुरंत खोलने के आदेश दिये तो नई सड़कों के नीचे सीवर के पाईप टूटे पाएंगे। जिस पर नई बनाई हुई सड़के तोड़कर दुबारा सीवर डाले गये। अब सीवर को खोलने में कई बार सरकार का काफी पैसा बर्बाद हुआ इसका जिम्मेवार कौन और जवाबदेही कौन?

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Web Title: officers do not accept dc and sdm orders given on 9th april

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