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गुड़गांवः दिल्ली से मुंबई पहुंचने के लिए अब सिर्फ 12 घंटे का समय लगेगा। जी हां, दिल्ली के धौलाकुंआ से मानेसर तक मेट्रिनो पॉड टैक्सी से अब मुंबई तक का सफर सुहाना होने वाला है। क्योंकि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर अगले डेढ़ महीने में काम शुरु हो जाएगा। यह टैक्सी तारों के जरिए हवा में चलेगी। इसके लिए तीन कंपनियों के टेंडर आ चुके हैं। इसी पर अब मंथन चल रहा ङै और इस प्रोजेक्ट पर काम भी जल्द शुरु होने की संभावना है। 

इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा कि सरकार अब दिल्ली- जयपुर, दिल्ली-चंडीगढ़ रुट पर डबल डेकर बस चलाने के बारे में भी विचार कर रही है।उन्होनें बताया कि इसमें सभी सुविधाएं फ्लाइट की तरह होंगी, जिससे यात्रियों के फ्लाइट में होने का एहसास होगा। 

कैसी होती है पॉड टैक्सी 

पॉड टैक्सी 4 से 6 सीटर ऑटोमेटिक व्हीकल है, इसे बिना ड्राइवर और कंडक्टर के ऑपरेट किया जाता है। गुड़गांव में ये एक तरह से ऑटो रिक्शा का काम करेगी। इसमें सफर करते हुए न तो रेड सिग्नल मिलेगा और न ही ट्रैफिक जाम।

पॉ़ टैक्सी एक इलेक्ट्रोनिक वाहन है, यह हवा में एक तार के सहारे बंधा होता है, इसमें सड़कों पर जाम और रेड सिग्नल पर रुकने की भी कोई समस्या नहीं होगी। इसमें सबसे खास बात यह होती है कि इसे बिना किसी ड3ाइवर या कंडक्टर के ही ऑपरेट किया जाता है, यानी यह टैक्सी बिना किसी ड्राइवर के चलेगी। 

यह चार्जेबल बैटरी से चलती है यानी पेट्रोल-डीजल की जरूरत नहीं होगी। आमतौर पर यह दो तरह की होती है- ट्रैक रूट पर चलने वाली और केबिल के सहारे हैंगिग पॉड। जापान में इसका खूब चलन है।

टैक्सी पूरी तरह से कम्प्यूटर सिस्टम से चलती है। इसमें बैठने के बाद मुसाफिरों को ‘टचस्क्रीन’ पर उस जगह का नाम टाइप करना होता है जहां उन्हें जाना है। तय स्टेशन आते ही टैक्सी रुकती है और गेट अपने आप खुल जाते हैं।

पॉड टैक्सी के लिए कितना बजट?

इसके दिल्ली-गुड़गांव प्रोजेक्ट के लिए मोदी सरकार ने 5000 करोड़ का बजट तय किया है। यहां करीब 1100 पॉड चलाने का लक्ष्य है। पिछले साल नितिन गडकरी ने पिछले साल जापान की तर्ज पर इस प्रोजेक्ट का एलान किया था। दिल्ली और गुड़गांव के ज्यादातर अंदरूनी इलाके बस और मेट्रो ट्रेन की पहुंच से दूर हैं, लेकिन पॉड टैक्सी शहर के कोने-कोने में पहुंच सकती है। यानी यात्रियों को आगे बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

बता दें कि दिल्ली से गुड़गांव के बीच 60 किलोमीटर लंबा पीआरटी कॉरिडोर बनना है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले इसे गुड़गांव के राजीव चौक से सोहना रोड के बीच बनाया जाएगा। पीआरटी कॉरिडोर पर पॉड इलेक्ट्रिक टैक्सियां चलेंगी। ये रोपवे की तरह तारों के जरिए हवा में चलती हैं। इस टैक्सी का किराया मेट्रो किराए के आसपास ही रखा जा सकता है। फिलहाल, पीआरटी के तहत 24 घंटे सर्विस देने की योजना है। गडकरी देश में 100 स्थानों पर पीआरटी कॉरिडोर बनाने की बात कह चुके हैं। पहाड़ी इलाकों में भी ऐसे कॉरिडोर बनाए जाएंगे।

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Web Title: nitin gadkari announces starting pod taxi service soon

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