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नई दिल्लीः आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की होड़ में नाक की लड़ाई लड़ रही टीडीपी और विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस के बीचतनातनी चल रही है। वाईएसआर पहले ही केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का एेलान कर चुकी है तो अब टीडीपी भी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। 

आज दोनों पार्टिया केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सदन में पेश करेंगी। हालांकि यह प्रस्ताव स्वीकार किाजाएगा या नहीं यह स्पीकर पर निर्भर करता है। क्योंकि जब शुक्रवार को नोटिस पेश किया गया था तो लोकसभा अध्यक्ष ने कहा था कि सदन में इस समय 'अव्यवस्था' (कार्यवाही में गतिरोध) है इसलिए इसको स्वीकार नहीं किया जा रहा है.

वाईएसआर कांग्रेस के वाईवी सुब्बा रेड्डी ने सोमवार की कार्यवाही के संशोधित कार्यक्रम में अविश्वास प्रस्ताव के अपने नोटिस को शामिल किए जाने के लिए कहा है। रेड्डी ने इस बाबत लोकसभा सचिवालय को पत्र लिखा है। टीडीपी ने भी अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे रखा है। लेकिन पिछले सप्ताह दिए गए इन नोटिसों को लोकसभा की कार्य सूची में दर्ज नहीं किया गया है। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा है कि इसके लिए अभी तक लोकसभा प्रशासन का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। सोमवार को भी अविश्वास प्रस्तावों के नोटिस पर कोई फैसला होने की उम्मीद कम है।

बजट सत्र के आखिरी हिस्से के दो सप्ताह हंगामे के बीच गुजर चुके हैं। बावजूद इसके सरकार बजट और कुछ महत्वपूर्ण विधेयक ध्वनि मत के जरिये पारित कराने में सफल रही है। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा न देने के विरोध में वाईएसआर कांग्रेस ने पिछले हफ्ते मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस दिया था। इसी के बाद टीडीपी ने सरकार और राजग को छोड़ने की घोषणा की।

प्रतिद्वंद्वी वाईएसआर कांग्रेस को पीछे छोड़ने के लिए टीडीपी ने मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का अलग से नोटिस दिया। अब दोनों पार्टियां विपक्षी पार्टियों से अपने-अपने नोटिस के समर्थन के लिए लामबंदी में जुटी हुई हैं। सदन में पेश होने के लिए किसी भी नोटिस को कम से कम 50 सांसदों के समर्थन की जरूरत होती है। उधर सरकार ने अपने बहुमत का भरोसा जता दिया है। कहा है कि अगर अविश्वास प्रस्ताव सदन में पेश भी हुआ तो वह उसे लोकसभा में परास्त कर देगी। 539 सदस्यों वाली लोकसभा में भाजपा के पास खुद के 274 सदस्य हैं, जबकि बहुमत के लिए 270 सदस्यों की ही जरूरत है।

5 बड़ी बातें

- लोकसभा में आज वाईएसआर कांग्रेस और तेलगु देशम पार्टी मोदी सरकार के खिलाफ अपना अविश्वास प्रस्ताव लाने पर जोर देगी लेकिन संसद की कार्यवाही में गतिरोध दूर होने का कोई संकेत नजर नहीं आ रहा।

- केंद्र की ओर से आंध्रप्रदेश को विशष दर्जा दिए जाने से इंकार के बाद सबसे पहले वाईएसआर कांग्रेस ने पिछले सप्ताह अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया था। 

- मुद्दे पर भाजपा की लंबे समय से सहयोगी रही तेदेपा ने इसके बाद सरकार से अपना नाता तोड़ने का फैसला किया और खुद ही अविश्वास प्रस्ताव लायी।

- पिछले सप्ताह नोटिस नहीं लिए जाने पर संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने दलील दी थी कि सदन में आसन के पास जाकर कई दलों के सदस्यों की नारेबाजी के कारण सदन में व्यवस्था नहीं बन पाने के कारण ऐसा नहीं हो पाया।

- विधायी कार्यों पर सरकार के साथ अक्सर सहयोग करने वाली तेलंगाना राष्ट्र समिति और अन्नाद्रमुक कई मुद्दों पर विरोध कर रही है इसलिए इस पर अनिश्चितता ही है कि आज व्यवस्था बन पाएगी।


 

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Web Title: national tdp and ysr congress no confidence motion against modi govt

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