image

27 से 28 अप्रैल तक भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के हुबेई प्रांत के वूहान शहर में अनौपचारिक भेंट करेंगे। इस यात्रा का चीन-भारत सहयोग संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, चीन और भारतीय मीडिया इस पर ध्यान दे रही है।इंडियन ओवरसीज बैंक के अर्थशास्त्री धर्मलिंगम वेणुगोपाल का मानना है कि पीएम मोदी की चीन यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग के विकास के लिए मौके प्रदान करेगी। 
उन्होंने कहा कि भारत मेंअगले साल चुनाव आयोजित होने हैं, पीएम मोदी फिर से प्रधानमंत्री चुनाव मैदान में उतरेंगे। चीन की यात्रा उनके चुनाव के लिए महत्वपूर्ण है। इससे पहले चीन और भारत के संबंधोंमें सुधार हुआ है, लेकिन हमारे बीच विकास के मौके बहुत अधिक हैं, हमें और ज्यादा सहयोग करने की जरूरत है।

छिंगह्वा विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीयसंबंधअध्ययन संस्थान की प्रोफ़ेसर लीली ने कहा कि चीन और भारत के बीच मौजूदा द्विपक्षी यव्यापार राशि सिर्फ चीन की कुल आयात-निर्यातराशि का 2 प्रतिशत है। उन्हें विश्वास है कि भारत में आर्थिक विकास के साथ-साथ, भारतीय निर्यातराशि में इजाफा होगा। उनका मानना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति में चीन और भारत के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग की व्यापक संभावना है। 

उन्होंने यह भी कहा कि चीन और भारत के बीच आम हित मौजूद हैं। चीन और भारत दोनों उभरती अर्थव्यवस्था हैं, आर्थिकवैश्वीकरण और स्वतंत्र-खुली बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की रक्षा करना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है।धर्म लिंगम वेणुगोपाल इस विचार से सहमत है, उन्होंने कहा कि आर्थिक और व्यापारिक सहयोग दोनों देशों के लिए लाभदायक है। विशेषकर रोजगारबढ़ाने, उद्यम विकास को बढ़ाने, बुनियादी ढांचा निर्माण, कृषि उद्योग, सूचनाउद्योग, पर्यटन उद्योग, खेल व सांस्कृतिकउद्योग, पर्यावरण संरक्षण और मानव संसाधन निर्माण पर सक्रिय प्रभाव पड़ता है।

भारतीय आदित्य बिड़ला ग्रुप के मुख्य अर्थशास्त्री अजित राना डे का मानना है कि चीन और भारत को बहुपक्षीय व्यापारप्रणाली के विकास पर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि इस प्रणाली से न सिर्फ चीन और भारत, बल्कि दूसरे देशों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस से पहले चीन ने “मेडइनचाइना”योजना लागू की , जबकि भारत ने“मेकइनइंडिया”योजना शुरू की। कुछ लोगों के विचार में यह चीन और भारत के बीच प्रतियोगिता है। लेकिन इन दोनों योजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग है। हमारे राष्ट्रीय स्थिति समान है, अभी “मेडइनचाइना” के उत्पाद पूरे दुनिया में मिलते हैं। लेकिन और ज्यादा विदेशीनिवेश को आकर्षित करना“मेकइनइंडिया” का उद्देश्य है। 
(साभार—चाइना रेडियो इंटरनेशनल ,पेइचिंग)
 

DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS

Web Title: great prospects in economic and trade cooperation between china and india

More News From international

Next Stories
image

Auto Expo Amritsar 2019
Auto Expo Amritsar 2019
free stats