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नई दिल्लीः पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आज कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजनार पीएमयूवाई के तहत मार्च 2022 तक तीन करोड़ अतिरिक्त परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराये जाएंगे। इस पर 4,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।

पीएमयूवाई की शुरुआत मई 2016 में की गयी। इसके तहत तीन साल में 5 करोड़ परिवार को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया। इसके तहत 3.36 करोड़ कनेक्शन पहले ही दिये जा चुके हैं। मंत्रिमंडल के कल के फैसले के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए प्रधान ने कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 तक 5 करोड़ मुफ्त कनेक्शन उपलब्ध कराये जाएंगे और कुल बजटीय आबंटन 8,000 करोड़ रुपये है। अब इस योजना की अवधि एक साल बढ़ा दी गयी है तथा पांच करोड़ के अलावा तीन करोड़ और परिवार को कनेक्शन दिये जाएंगे। इसके लिये 4,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

योजना के तहत सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की खुदरा ईंधन कंपनियों को प्रत्येक मुफ्त एलपीजी कनेक्शन के लिये 1,600 करोड़ रुपये की सब्सिडी उपलब्ध कराती है। सब्सिडी के अंतर्गत सिलेंडर के लिये जमानत राशि और उसे लगाने से जुड़े शुल्क आते हैं। लाभार्थी को अपने स्वयं का खाना बनाने का स्टोव लेना होता है। इस बोझ को कम करने के लिये लाभार्थियों को स्टोव और पहली बार गैस सिलेंडर भराने की राशि किस्तों में देने की अनुमति है। प्रधान ने कहा कि अबतक कनेक्शन 2011 के सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणनार एसईसीसीी के आधार पर दिये जाते हैं लेकिन सूची का विस्तार किया गया है और इसमें सभी अनुसूचित जाति: अनुसूचित जनजाति परिवार, वनवासी, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, द्वीपों, चाय बगानों में रहने वालों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अंत्योदय योजना के लाभार्थियों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि कुल 3.36 करोड़ पीएमयूवाई लाभार्थियों में से 2 करोड़ लाभार्थियों के अध्ययन से पता चला है कि 80 प्रतिशत परिवार ने एलपीजी कनेक्शन लेने के बाद उसे दोबारा भरबाया। मंत्री ने कहा कि औसतन एक परिवार 14.2 किलो के सिलेंडर को सात बार भरवाता है, वहीं पीएमयूवाई लाभार्थी 4.07 सिलेंडर की खपत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत उत्साहजनक खपत प्रवृत्ति है।’’

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Web Title: free lpg connections will be given to three crore additional families of

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