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नैनीतालः उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं झबरेड़ा (हरिद्वार) से विधायक देशराज कर्णवाल के फर्जी दस्तावेजों के मामले में गढ़वाल के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को जांच कर एक माह के अंदर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। अदालत ने बुधवार को कर्णवाल की ओर दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। कर्णवाल ने अदालत को बताया है कि उन्होंने वर्ष 2005 में हरिद्वार के जिला पंचायत चुनाव में प्रभावी जीत हासिल की थी।

उक्त निर्वाचन में उम्मीदवार रहे जयपाल, शीशपाल, हरि सिंह तथा सुरेन्द्र दाबाने ने संयुक्त रुप से उनके खिलाफ षड्यंत्र किया और उनके फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनको बदनाम करने की साजिश की। इन सभी ने पहले उनके राशनकार्ड तथा परिवार रजिस्ट्रर के फर्जी दस्तावेज तैयार किये और बाद में उन्हें हरिद्वार के संयुक्त मजिस्ट्रेट को सौंपे दिये। इन दस्तावेजों की जब जांच की गयी तो वे फर्जी पाये गये।

कर्णवाल ने अदालत को बताया कि इसके खिलाफ कि उन्होंने 19 अप्रैल 2007 को रुड़की कोतवाली में शिकायत दर्ज करायी थी और इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 तथा 471 के तहत मामला दर्ज है, लेकिन 12 साल बीत जाने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। जांच अधिकारी की ओर से इस मामले में लापरवाही की जा रही है।

इस मामले में आज जांच अधिकारी अदालत में पेश हुए और उन्होंने अदालत को बताया कि दो दिन पहले ही उन्हें इस मामले की जांच सौंपी गयी है। इसके बाद अदालत ने आईजी को मामले की जांच के आदेश दिये और पुराने जांच अधिकारी के खिलाफ भी रिपोर्ट पेश करने को कहा हैं।

 

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Web Title: Fake Document Case: Court Orders IG To Investigate

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