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मंत्री बाली भगत की कार्रवाई पर भड़के डाक्टर

48 घंटों के अल्टीमेटम के साथ हड़ताल की चेतावनी जारी 


जम्मू: बीते साल दिसम्बर में रियासती सरकार द्वारा जारी एस.आर.ओ. 525 को आधार बना स्वास्थ मंत्री बाली भगत की फेसबुक पर तीखा किन्तु तर्कसंगत कमेंट करने वाले डा. अमित को नौकरी से बर्खास्त करने के मामले में आज रैजीडैंट डाक्टरों ने विभाग और सरकार को 48 घंटों का अल्टीमेटम जारी कर दिया। रैजीडैंट डाक्टर एसोसिएशन के बैनर तले अध्यक्ष डा. सौरभ कटोच की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल जम्मू मैडीकल कालेज की प्रिंसीपल को मिला और लिखित में अपना फैसला अस्पताल प्रबंधन को थमा दिया गया। विदित हो कि बीते दिन स्वस्थ मंत्री बाली भगत की फेसबुक जिसमें उन्होंने कुछ दिन पहले जी.एम.सी. में ही लिफ्ट और टिटनेस वार्ड का उद्घाटन किया था को पोस्ट किया था। एवज में एनेस्थीसिया विभाग के रजिस्ट्रार डा. अमित कुमार ने लिखा था कि लोगों को मूर्ख बनाना बंद करे। डा. अमित ने अपनी पोस्ट में यह भी साफ कर दिया था जिस लिफ्ट का उद्घाटन किया जा रहा है वह पहले से ही वहां लगी है बस कुछेक हजार खर्च कर उसकी मरम्मत की गई है। डा. अमित की पोस्ट के अनुसार वही लिफ्ट कुछ ही दिनों में फिर से खराब हो गई और टिटनैस की वार्ड को पहले से ही खरीदे बिस्तर से बनाया गया है। इस पोस्ट के बाद ही से ही खफा हुए मंत्री बाली भगत ने एस.आर.ओ. 525 जिसके तहत किसी भी सरकारी अधिकारी को सोशल मीडिया पर भावनाएं आहत करने या उकसाने का अधिकार नहीं है के तहत नौकरी से बाहर कर दिया। आज परिसंघ ने लिखे खत में साफ किया कि डा. अमित की ऐसी कोई मंशा नहीं थी और डा. अमित ने बिना शर्त के माफी भी मांग ली थी। परिसंघ का आरोप था कि डा. अमित को कोई चेतावनी तक नहीं जारी की गई और सीधा नौकरी से बाहर कर दिया गया। परिसंघ ने साफ कर दिया कि अगर 48 घंटों में डा. अमित को बहाल नहीं किया गया तो कल से यानि 21 मार्च से पहले तो ओ.पी.डी. की सर्विस बंद कर दी जाएगी। तदोपरांत सर्जिकल आप्रेशन थिएटर, लैक्चरर्स, क्लीनिकल कक्षाएं और अंतत: 24 मार्च को आपातकाल सेवाएं बंद करने का ऐलान कर दिया है। परिसंघ सदस्यों ने इस संदर्भ में मीडिया से भी खुल कर बात की और उनका आरोप था कि मंत्री द्वारा लिया गया फैसला न्यायोचित नहीं है। परिसंघ द्वारा लिखा खत प्रिंसीपल सचिव स्वस्थ विभाग, मंत्री के ओ.एस.डी. और मुख्य सचिव मुख्यमंत्री को भी भेजा गया है। अगरचे मंत्री महोदय ने अपना फैसला तुंरत वापस नहीं लिया तो ऐसे आसार साफ प्रतीत हो रहे हैं कि कल से उनका यह फैसला एक बड़े विरोध प्रदर्शन की भूमिका बन जाएगा। 

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Web Title: doctor temper on the action of minister bali bhat

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