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नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने जी मीडिया को प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ऐसा कोई विज्ञापन जारी करने से रोक दिया जिसमें इंडिया टीवी के वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा का नाम शामिल हो। अदालत ने निर्देश दिया कि ऐसे विज्ञापन तीन दिन में हटाए जाएं।
   ‘जी हिन्दुस्तान’ चैनल के विज्ञापन में मीडिया समूह ने ‘भारत में अब रजत की अदालत बंद’ पंक्ति का इस्तेमाल किया था। रजत शर्मा इंडिया टीवी पर प्रसारित ‘आप की अदालत’ कार्यक्रम की एंकरिंग करते हैं। 

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यह आदेश इंडिपेंडेंट न्यूज सर्विस प्राइवेट लिमिटेड इंडिया टीवी के प्रधान संपादक शर्मा द्वारा दायर याचिका पर सुनाया गया जिसमें मीडिया समूह को उसके समाचार चैनल ‘जी हिन्दुस्तान’ द्वारा पत्रकार के नाम का इस्तेमाल करते हुए ‘‘द्वेषपूर्ण तरीके से’’ जारी विज्ञापनों को तुरंत हटाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया। न्यायमूर्ति जयंत नाथ ने एकपक्षीय आदेश में कहा कि विज्ञापन में शर्मा के नाम का जिव्र पहली नजर में गैरकानूनी है और मीडिया समूह को ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

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अदालत ने कहा कि प्रतिवादियोर्ं जी मीडिया कॉरपोरेशन और इसके प्रबंध निदेशकी को प्रिंट मीडिया, टीवी चैनलों या अन्य परयाचिकाकर्ता के नाम वाला कोई विज्ञापन जारी करने से रोका जाता है। वे याचिकाकर्ता के नाम के जिव्र वाले होर्डिंग तीन दिन के भीतर हटाएं। अदालत ने मीडिया समूह तथा इसके प्रबंध निेदेशक को सम्मन भी जारी किये।

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Web Title: Court prevents 'G Media' from issuing advertisements against Rajat Sharma

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