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चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 28 अप्रैल को चीन के वूहान शहर में अनौपचारिक बैठक करेंगे। इससे पहले दोनों पक्षों ने अनेक क्षेत्रों में कई समानताएं प्राप्त की हैं ।चीन के सछ्वांग विश्वविद्यालय के दक्षिण एशिया अनुसंधान केंद्र के अध्ययनकर्ता डॉक्टर रेन च्ये ने सीआरआई को दिये एक इंटरव्यू में कहा कि चीन भारत आर्थिक और व्यापारिक सहयोग की वर्तमान स्थिति उत्साहपूर्ण है और उस का भविष्य उज्जवल होगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से चीन भारत व्यापार में तेज वृद्धि दीख रही है। इस जनवरी में वस्तु आयात-निर्यात की राशि में 26.3 प्रतिशत इजाफ़ा हुआ है ।अगर यह रुझान बना रहेगा ,तो चालू साल द्विपक्षीय व्यापार को 1 खरब अमेरिकी ड़ॉलर पहुंचने की बड़ी संभावना होगी। उन्होंने बताया कि चीन और भारत के पास 2 अरब 50 करोड़ आबादी वाला विशाल बाजार है। भविष्य में भारत के बुनियादी ढांचे के निर्माण ,ऊर्जा और हरित अर्थव्यवस्था में चीनी उद्यमों के लिए बड़ा मौका उभरेगा ,जबकि भारत की कृषि उपज ,दवाएं और सूचना तकनीक चीन में बाजार भी खोज सकेंगे। उन्होंने बताया कि चीन और भारत के विनिर्माण उद्यम विकास के विभिन्न स्तरों पर हैं। उनकी पारस्परिक स्पर्धा कम है। दोनों देशों के औद्योगिक विकास की रणनीतियां एक दूसरे से जोड़ सकती हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में चीन और भारत को एक दूसरे को मौका देखना चाहिए। दोनों देशों को एक साथ बहुपक्षीय व्यापार की सुरक्षा और समर्थन का संकेत देना चाहिए।

(साभार—चाइना रेडियो इंटरनेशनल)

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Web Title: chinaindia will have a bright future for economic and business cooperation

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