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फतेहाबाद: भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है कि केंद्र की भाजपा सरकार देश की सबसे बड़ी किसान विरोधी पार्टी है। यह बात स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही। वो 29 नवंबर को संसद घेराव को लेकर किसान संगठनों को निमंत्रण देने के लिए आए हुए थे। भाजपा को किसान विरोधी बताने के साथ उन्होंने किसानों को खुद की दुश्मन बताते हुए कहा कि आगे पीछे तो किसान किसान बनकर रहता है।

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चुनाव के समय वो जाति पाति और धर्म के नाम पर बंट जाता है। इस कारण राजनीतिक पार्टियां उनका फायदा उठा लेती हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को राजनीति में भी  आना पड़ेगा तभी उनका फायदा हो पाएगा। यादव ने कहा कि किसानों को उसका पूरा हक दिलाने के लिए स्वराज इंडिया ने सरकार के खिलाफ 29-30 नवंबर को दिल्ली में किसान मुक्ति मार्च पड़ाव के तहत संसद घेराव का निर्णय लिया है।योगेन्द्र यादव ने कहा कि किसान मुक्ति मार्च के तहत शुरू किया गया किसान आंदोलन ऐतिहासिक साबित होने वाला है।

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इस आंदोलन की दो मुख्य मांगे हैं। पहली किसानों को फसल का पूरा दाम यानी संपूर्ण लागत का डेढ़ गुना मिलने की पूरी गारंटी। दूसरा किसानों का कर्ज एक झटके में खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि आंदोलनों में अगुवा रहने वाला हरियाणा का किसान देश और राज्य की सबसे किसान विरोधी सरकार को झकझोर कर रख देने की क्षमता रखता है। ऐसे में अब उसे एकजुट होकर अपना हक पाने की लड़ाई में योगदान करना होगा। उन्होंने कहा कि देश में 2019 में दो ही मुद्दे मुख्य हो सकते हैं। एक तो किसान और नौजवान का या फिर हिन्दू और मुसलमान का।

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साफ है कि आगामी लोकसभा चुनाव में किसान और जवान की भूमिका इस चुनाव में निर्णायक होने वाली है। इस देश में अगर किसान और जवान जीता तो देश जीतेगा और अगर मुद्दा हिन्दू-मुसलमान हुआ तो सरकार चाहे जिसकी जीते पर देश और जनता हार जाएगी। उन्होंने बताया कि 29 और 30 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की ओर से किसान मुक्ति मार्च पड़ाव के तहत संसद घेराव का निर्णय लिया गया है।

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उन्होंने कहा कि स्वराज इंडिया ने देश में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता का परिचय देते हुए 200 से अधिक किसान संगठनों को एक मंच पर लाने का काम किया है। इतना ही नहीं किसानों की इस लड़ाई में इस बार डॉक्टर, वकील, छात्र और बुद्धिजीवी भी शामिल हैं।  उन्होंने कहा कि किसान सरकार का देनदार नहीं लेनदार है। सरकार का कर्ज उस पर नहीं, उसका सरकार पर बकाया है। पूरे देश के किसानों पर कुल 14 लाख करोड़ रुपया बकाया है, जबकि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू कर दिया गया होता तो किसानों का 20 लाख करोड़ का सरकार पर बकाया होता।

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Web Title: BJP is the biggest anti-farmer in the country: Yogendra Yadav

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