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नारायणगढ़: प्राइवेट बैंक की नारायणगढ़ शाखा में कार्यरत सह प्रबंधक द्वारा दर्जन भर ग्राहकों को करोड़ों रुपए का चूना लगाए जाने का मामला सामने आया है। हालांकि बैंक की तरफ से अभी तक सह प्रबंधक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है लेकिन कुछ लोगों ने पुलिस को शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस की ढीली कार्रवाई के चलते पीड़ितों को इंसाफ की किरण नजर नहीं आ रही है। 

बैंक के सह प्रबंधक सचिन गौंदी द्वारा ग्राहकों से की गई ठगी का मामला उस समय सामने आया जब वह 2 मई को अचानक नारायणगढ़ से गायब हो गया था। सोशल मीडिया पर सचिन के गायब हो जाने की खबर वायरल होते ही बैंक के दर्जन भर ग्राहकों में हड़कंप मच गया।

 
सचिन गौंदी के स्थानीय होने और उसकी बोलचाल के कारण क्षेत्र के बहुत से लोग उस पर विश्वास किया करते थे। 2 मई को ही सचिन के परिजनों ने पुलिस को उसके गायब हो जाने की सूचना भी दी थी। इसी दौरान 3 मई की शाम को सचिन घर वापस आ गया था। बताया जाता है कि घर वापसी के बाद जब लोगों ने सचिन से संपर्क करना चाहा तो परिजनों ने किसी को मिलने नहीं दिया। 

शहजादपुर वासी कारोबारी राम अवतार और संजीव ने पुलिस को शिकायत दी है कि सचिन गौंदी ने फर्जी हस्ताक्षर कर उनके खाते से 19 लाख 1 हजार रूपए निकाल लिए हैं। पीड़ितों का कहना है कि प्राइवेट बैंक में उनके व परिजनों के नाम से कर्इं खाते हैं। उनके बच्चे बालिग हुए तो खाते चालू रखने के लिए सचिन ने चैक बुक और पास बुक मांगी थी। विश्वास में राम अवतार ने चैक बुक और पास बुक सचिन को दे दी। सचिन ने भरोसे का फायदा उठाकर उनके बच्चों के खाते से पैसे निकाल लिए हैं।

सुसाइड की देता है धमकी
पीड़ितों का कहना है कि उनके पैसे हजम करने के बाद सचिन उन्हें सुसाइड केस में फंसाने की धमकी दे रहा है। जब भी पीड़ित व्यक्ति सचिन से पैसे के बारे में बात करने की कोशिश करता है तो वह उसका नाम सुसाइड नोट में लिखने की बात कहता है।
 

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Web Title: 19 lakhs withdrawn from the account by fraudulent signature threatened to give up on money demand

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