image

शुजालपुरः हमेशा देरी और अन्य खामियों को लेकर रेलवे को बदनाम किया जाता है लेकिन रेलवे ने बहुत बार ऐसे काम भी किए हैं जिससे पूरे विभाग की तारीफ हुई है। मृत्यु के बाद दान किए गए नेत्रों को समय पर पहुंचाने के लिए रेलवे ने नॉन स्टॉप मालगाड़ी को शुजालपुर में रोका और उसमें नेत्र रखवाकर भोपाल भेजे। 

रेलवे अधिकारियों की मानवीय पहल से दो नेत्रहीन व्यक्तियों को समय रहते नेत्र प्रत्यारोपित हो गए और मृतक के अंतिम संस्कार से पहले ही उन्हें रोशनी मिल गई। यानी आई बॉक्स 10.50 बजे स्टेशन पहुंचा, कोई यात्री ट्रेन नहीं थी। तत्काल नॉन स्टॉप ट्रेन को रोककर आई बॉक्स रखकर भिजवाया गया। 

12.15 बजे भोपाल में मिल गया और शाम के पहले नेत्रों का प्रत्यारोपण भी कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक शुजालपुर में श्रीचंद गंगवानी की पत्नी लक्ष्मी देवी का सुबह 8 बजे निधन हो गया था। परिजनों ने नेत्रदान के लिए पहल की जिसके बाद डॉ केके जैन, मनीष माहेश्वरी को नेत्रदान कराया। रेलवे की इस तेजी की वजह से किसी कोई दुनिया देख सका।

DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS

Web Title: The eyes of the deceased before the funeral of the deceased, Railways did amazing work

More News From madhya-pradesh

Next Stories

image
free stats