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इंदौर: मूक बधिर युवती से दुष्कर्म के जुर्म में विशेष कोर्ट ने शुक्रवार को 32 वर्षीय व्यक्ति को 10 साल के सश्रम जेल की सजा सुनाई। दुष्कर्म से युवती को गर्भ ठहर गया था और उसे बच्चे को जन्म देना पड़ा था। विशेष जज वर्षा शर्मा ने मामले में जानू महबूब उर्फ सुत्तू को दोषी करार दिया। मुजरिम पर 2,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया जो पीड़ित युवती को मुआवजे के रूप में अदा किया जाएगा। 

अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी आरती भदौरिया ने बताया कि मूक-बधिर युवती ने दुष्कर्मी के रूप में सुत्तू की पहचान की और कोर्ट को इशारों में आपबीती सुनाई। अभियोजन पक्ष ने मामले 10 गवाह भी पेश किए थे। उन्होंने बताया कि युवती से दुष्कर्म का मामला खजराना पुलिस थाने में 9 फरवरी 2017 को दर्ज किया गया था। तब पीड़ित युवती करीब 6 माह की गर्भवती थी।

क्षेत्र के एक निर्माणाधीन गोदाम में सुत्तू उसके साथ कई बार बलात्कार कर चुका था। दुष्कर्म की शिकार इस युवती ने एक बालक को जन्म दिया था। कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार से युवती को उचित मुआवजा दिलाया जाए। 

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Web Title: dumb rape victim girl said her story with gesture

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