जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर धारा 144 लगा दी गई थी। जो कि वहां किसी भी तरह का कोई दंगा या कोई वारदात न हो सके। जम्मू-कश्मीर से बाहर आने जाने के सारे रास्ते भी बंद कर दिए। फोन सेवाएं और इंटरनेट संवाएं भी कश्मीर में बंद कर दी गई है। लोग अपने रिश्तेदारों और जम्मू-कश्मीर से बाहर पढ़ रहे बच्चों से बातचीत भी कर सकते। इन सब में सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना उन लोगों को करना पड़ा जो जम्मू-कश्मीर से बाहर पढ़ रहे थे। बच्चों को तो फिर्क थी कि घर पर उनके माता-पिता कैसे हालात में हैं, लेकिन माता- पिता भी बहुत चिंतित थे कि उनके बच्चे बाहर कैसे रह रहे होंगे।

लेकिन कहते हैं न फरिशतें कभी भी आपकी मदद के लिए धरती पर उतर सकते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ दिल्ली में पढ़ाई कर रही कश्मीर की लड़कियों के साथ। दिल्ली के तीन सिख दोस्त उनके लिए किसी फरिशते से कम नहीं थे। जिन्होंने उन्हें सही सलामत उनके घर पहुंचाया। जम्मू- कश्मीर की 32 छात्राओं को सही-सलामत घर पहुंचाने का जिम्मा उठाने वाले सिख समुदाय के तीन दोस्तों की कहानी सोशल मीडिया पर खूब तारीफ बटोर रही है। कोई इन्हें 32 छात्राओं के लिए फरिश्ता बता रहा है, तो किसी को फिल्म बजरंगी भाईजान का किरदार याद दिला रहा है।

बुरी तरह डरी ये लड़कियां किसी भी कीमत पर अपने घर वापस जाना चाहती थीं, लेकिन कश्मीर के हालात ऐसे नहीं थे कि वो वापस लौट पातीं। ऐसे में एक फेसबुक पोस्ट को पढ़कर इन लड़कियों ने इन लोगों से संपर्क किया। दिल्ली के तीन दोस्त हरमिंदर सिंह अहुलवालिया, अरमीत सिंह और बलजीत सिंह बबलू सिंह आगे आए और उनको सही-सलामत अपने घर पहुंचाया।

जैसे ही बच्चियां अपने अपने घर पहुंची उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। वो मां जो हर पर अपनी लाड़ली की सलामती की दुआ मांग रही थी, जब उसने अपनी बेटी को देखा तो खुशी से उसके आंसू बहते जा रहे थे। बच्चियों के पिता उनके सम्मान के लिए उन्हें एक कप चाय पीने का न्यौता दे रहे थे लेकिन सिख दोस्तों ने कहा कि अभी बाकी बच्चियों को भी उनके घर पहुंचाना है। 

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Web Title: Sikh family turns out to reunite Kashmiri girls with their own, this viral video is extremely emotional

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