जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद लगाई पाबंदियों में अभी थोड़ी ढ़ील दी जा रही है। इंटरनेट को छोड़कर मोबाइल सर्विस और अधिकतर पाबंदियों में थोड़ी राहत दी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में आज इन पाबंदियों पर सुनवाई जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच कर रही है। वहां जाने को लेकर कुल 8 याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है।

केंद्र को नेटिस जारीः सबसे पहले वाइको की याचिका पर सुनवाई हो रही है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस दौरान कहा कि अभी वहां पर क्या हालात हैं? आपने अभी तक कोई रिकॉर्ड सामने नहीं रखे हैं। वाइको के वकील ने कहा कि गृह मंत्रालय कह रहा है कि किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है, NSA कह रहे हैं कि कुछ मामलों में हिरासत में लिया गया है। फारुक अब्दुल्ला को हिरासत लेने के मामले में SC ने केंद्र सरकार को नोटिस दिया है, 30 सितंबर तक जवाब देने को कहा गया है।

गुलाम नबी आजाद को कश्मीर जाने की इजाजतः सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आज़ाद को कश्मीर जाने की इजाजत दे दी है। वह चार जिलों का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान वह कोई राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वहां जाने के बाद वह सुप्रीम कोर्ट को एक रिपोर्ट सौपेंगे। इस बारे में केंद्र को नोटिस दिया गया है। गुलाम नबी आजाद बारामूला, अनंतनाग, श्रीनगर और जम्मू जिलों का दौरा कर सकते हैं। गुलाम नबी आजाद की तरफ से अदालत को भरोसा दिलाया गया है कि इस दौरान वह कोई रैली नहीं करेंगे।

मीडिया आजादी पर सुनवाईः घाटी में मीडिया आजादी का मामला लेकर पहुंचा पत्रकार अनुराधा भसीन की याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत में बताया गया कि घाटी में अभी ना इंटरनेट है, ना ही संचार माध्यम की कोई सुविधा है। हालांकि, अटॉर्नी जनरल ने जवाब दिया कि श्रीनगर-जम्मू में लगातार अखबार छप रहा है। सुनवाई के दौरान अदालत में पूछा कि अभी तक कश्मीर में संचार व्यवस्था चालू क्यों नहीं है। अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि मीडिया पर्सन संचार व्यवस्था का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें दूरदराज के इलाकों में जाने की सुविधा भी है। इस पर अदालत ने केंद्र सरकार से हलफनामा दाखिल करने को कहा।
 

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Web Title: Hearing begins in Supreme Court on Kashmir case, notice issued to Center in this matter

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