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श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बीएस सुब्रमण्यम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यहां के हालातों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने के बाद अभी तक कोई भी अप्रिय घटना नई हुई है। इसके साथ ही सुब्रमण्यम ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि जम्मू-कश्मीर में चारों ओर विकास करना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सरकार इस वक्त उन संगठनों के बारे में जानकारी निकाल रही है, जो भी घाटी में आतंकवाद फैलाने का काम कर रहा है उसके खिलाफ एक्शन लिया जाए। इसके लिए सरकार की तरफ से दुनियाभर से रिकॉर्ड्स इकट्ठे किए जा रहे हैं। घाटी में किसी तरह से माहौल ना बिगड़े उसी वजह से कुछ सर्विस पर रोक लगाई गई थी, जैसे कि फोन सर्विस या इंटरनेट सर्विस को रोक दिया गया था।

उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से पाबंदियों में समय-समय पर लोगों को छूट भी दी गई थी। ईद के वक्त भी लोगों को खुली छूट दी गई थी, इसके अलावा जो लोग हज से वापस लौट रहे हैं उन्हें भी पूरी सुविधा दी जा रही है। सुब्रमण्यम ने ऐलान किया कि बीते दिनों में एक भी आदमी की जान नहीं गई है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार कश्मीर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाया है। इस दौरान उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा, हिज्बुल जैसे आतंकी संगठनों का नाम भी लिया। उन्होंने साथ ही कहा कि घाटी में धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं और हम भी पाबंदियां हटा रहे हैं। अभी सरकारी दफ्तरों को खोल दिया गया है, साथ ही सरकारी स्कूल को भी धीरे-धीरे खोला जाएगा और उसके बाद हालात का जायजा लेकर आगे का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने ये भी बताया कि कल से घाटी में टेलीफोन की सुविधा भी शुरु कर दी जाएगी।


बता दें कि कश्मीर में फोन और इंटरनेट कनेक्शन बंद होने के कारण टेलीविजन चैनल घाटी में रह रहे लोगों तथा देश और विदेश में अन्य लोगों के बीच संचार के साधन बन गए हैं। स्थानीय कैबल चैनलों और राष्ट्रीय समाचार चैनलों के क्षेत्रीय चैनलों पर लोगों के संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं और ये संदेश तरह-तरह के हैं। 

कुछ लोग घाटी में अपने रिश्तेदारों का हाल चाल जानना चाहते हैं तो कुछ ने पोस्ट किया कि वे ठीक हैं और अन्य लोगों ने सूचना देने के लिए इस माध्यम का इस्तेमाल किया। एक निजी चैनल के अधिकारी ने बताया कि जम्मू कश्मीर सरकार ने करीब 300 पीसीओ स्थापित किए हैं जिसके कारण ऐसे लोगों की संख्या में काफी कमी आयी है लेकिन फिर भी चैनल की हेल्पलाइनों पर संदेश मिल रहे हैं।

असम के लखीमपुर की पूजा मिश्रा ने एक चैनल पर संदेश पोस्ट करके कहा कि वह सेना में काम करने वाले और राज्य में तैनात अपने भाई का हाल चाल जानना चाहती हैं। उत्तर प्रदेश की पिंकी ने चरार-ए-शरीफ में अपने दोस्त बासित से पूछा कि वह और उनका परिवार कैसा है।
 
शादियों को लेकर भी कई संदेश मिल रहे हैं जिनमें बताया जा रहा है शादी ‘‘सादगी’’ से की जाएगी। बेंगलुरू में पढ़ाई कर रहे कुपवाड़ा के खालिद ने अपने परिवार को बताया कि वह ठीक है और उनसे अगले महीने आने वाली उसकी बहन के हाथ किताबें भेजने के लिए कहा।

ये संदेश केवल देश में रह रहे लोगों तक ही सीमित नहीं है। बल्कि कतर, सऊदी अरब, दुबई और कुवैत से भी संदेश मिल रहे हैं। बांग्लादेश में पढ़ाई कर रहे कई छात्रों ने अपनी सुरक्षा के बारे में पोस्ट किया। चैनल के अधिकारियों ने बताया कि यह निशुल्क है। न्यूज 18 उर्दू के एक अधिकारी के मुताबिक, देश और विदेश के विभिन्न हिस्सों से हजारों संदेश मिले हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा हैदराबाद में एक विशेष नंबर है। लोग व्हाट्सएप के जरिए संदेश भेज सकते हैं और हम उनका इस्तेमाल टिकर पर करेंगे।’’ केंद्र द्वारा जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के बाद पांच अगस्त से घाटी में संचार सेवाएं बंद हैं। केंद्र ने राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने की भी घोषणा की।

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Web Title: Aman will return to the Valley soon, these services will be resumed in Jammu and Kashmir from tomorrow

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