image

धर्मशाला : हिमाचल के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा है कि यहां आयोजित दो दिन के ‘राईजिंग हिमाचल वैश्विक निवेशक सम्मेलन‘ में अभी तक लगभग 93 हजार करोड़ रुपये निवेश के 614 समझौते किये जा चुके हैं और राज्य में फलोत्पादन, बागवानी, पर्यटन, बिजली और खाद्य प्रसंस्करण में निवेश की सम्भावनाएं हैं। 
     श्री ठाकुर ने निवेशक सम्मेलन के दूसरे एवं अंतिम दिन आज निवेशकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि निवेश सम्बंधी जिन समझौतों पर हस्ताक्षर किये जा चुके हैं उन्हें धरातल पर मूर्त रुप प्रदान करने के लिये सरकार हरसम्भव सहायता एवं सहयोग सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने और सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कई नीतियां अधिसूचित की हैं। सरकार प्रदेश को उद्योग, आयुष, ऊर्जा, पर्यटन, कृषि, अधोसंरचना और सम्बंधित क्षेत्र में निवेश के लिये आदर्श राज्य बनाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए औद्योगिक एवं निवेश नीति, पर्यटन नीति, फिल्म नीति, सूचना प्रौद्योगिकी नीति, आयुष नीति और ऊर्जा नीति अधिसूचित की गई हैं जिसके अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। ये सभी नीतियां प्रदेश के समावेशी और सतत् विकास के लिए सरकार के संकल्प को दर्शाती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशक सम्मेलन का आयोजन एक पहला और चुनौतीपूर्ण प्रयासथा तथा इसके सार्थक परिणामों से राज्य के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में आशातीत बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों के निरंतर सहयोग को भी जाता है।

श्री ठाकुर ने कहा कि प्रदेश देश के फलोत्पादन राज्य के रुप में जाना जाता है। अपनी विविध जलवायु होने के कारण यहां पर विभिन्न प्रकार के फलों का उत्पादन किया जाता है। प्रदेश में बागवानी तथा फल एवं खाद्य प्रसंस्करण में निवेश की अपार सम्भावनाएं निहित हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की उपयुक्त जलवायु और यहां की विविधतापूर्ण स्थलाकृति को विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों के उत्पादन के लिए उपयुक्त बनाती है। राज्य सरकार सभी उद्यमियों, जो प्रदेश में निवेश करने की इच्छा रखते हैं, के लिए हर सम्भव सहायता प्रदान करेगी।मुख्यमंत्री ने पर्यटन, आरोग्य और आयुष समझौताधारकों के साथ भी बैठक की और कहा कि पर्यटन क्षेत्र में उद्यमियों के लिये साहसिक, वन्य प्राणी, ईको टूरिज्म, धरोहर, अध्यात्मिक, स्मारक, धार्मिक, स्कींग आदि जैसी गतिविधियों में निवेश की व्यापक सम्भावनाएं विद्यमान हैं। सरकार राज्य में सतत पर्यटन और प्रदेश में विकास की गति को बढ़ावा देने के प्रति वचनबद्ध है। हिमाचल में 300 दवा कम्पनियां और 700 से अधिक फार्मा उत्पाद इकाइयां कार्यरत हैं। इस प्रदेश को एशिया के औषधीय हब के रुप से भी जाना जाता है।
 
श्री ठाकुर के अनुसार प्रदेश सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिकी नीति के तहत विभिन्न प्रकार के आकर्षक प्रोत्साहन दे रही है तथा सरकार ने प्रदेश को और अधिक आकर्षक एवं उद्योग-मित्र बनाने के उद्देश्य से पर्यटन, आयुष, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलैक्ट्रॉनिक्स और जल विद्युत क्षेत्रों में नीति में आवश्यक संशोधन किए हैं।आवास, शहरी विकास और परिवहन के समझौताधारकों के साथ बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्यमियों को उनकी परियोजनाओ को समयबद्ध तरीके से स्वीकृति प्रदान करने में एक ‘सुविधा कारक’ की भूमिका निभाएगी ताकि वे बिना किसी विलम्भ के अपना कार्य आरम्भ कर सकें। इस अवसर पर उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर भी उपस्थित थे। 

DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS

Web Title: Agreements for investment of 93 thousand crores in Dharamshala Investor Conference: Jairam

More News From himachal

Next Stories
image

free stats