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एक एंबुलेंस चालक की जरा सी लापरवाही व झूठ के कारण एक घर का चिराग बुझ गया। उपचार के लिए पी.जी.आई. चंडीगढ़ ले जाते हुए एंबुलैंस में आॅक्सीजन समाप्त होने के कारण डेढ़ महीने के बच्चे की मौत हो गई। इस बारे में बच्चे के पिता ने 3 लोगों के खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप में केस दर्ज करवाया है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार गांव ब्राह्मणीवाला निवासी साहिल का डेढ़ वर्षीय बेटा विहान बीमार था। वह उसे 13 सितंबर को इलाज के लिए कैथल के सिविल अस्पताल ले आया। बच्चे की हालत बिगड़ते देख डाक्टरों ने उसे पी.जी.आई. चंडीगढ़ रैफर कर लिया। इसके साथ ही चिकित्सकों ने सलाह दी थी कि बच्चे को पी.जी.आई. ले जाते हुए आॅक्सीजन अवश्य लगाई जाए।

इस पर साहिल ने 2800 रुपए में एक एंबुलैंस नंबर एचआर64ए-7224 किराए पर ली और अपने बेटे को लेकर चंडीगढ़ के लिए चल पड़ा। पूछे जाने पर एंबुलैंस के चालक ने साहिल से कहा कि एंबुलैंस में आॅक्सीजन की पर्याप्त मात्रा है। लेकिन पिहोवा पहुंचते ही आॅक्सीजन का सिलैंडर खत्म हो गया और बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। गाड़ी में दूसरा आॅक्सीजन का सिलैंडर भी नहीं था। साहिल ने अंबाला पहुंचकर भी एंबुलैंस चालक से कहा कि कहीं से आॅक्सीजन का इंतजाम कर लो लेकिन एंबुलैंस चालक ने उनकी नहीं सुनी और इस बीच बच्चे की पी.जी.आई. पहुंचने से पहले ही मौत हो गई।

कैथल पहुंचने पर जब परिजनों ने हंगामा किया तो एंबुलैंस चालक एंबुलैंस को अस्पताल में छोड़कर फरार हो गया। इस बारे में पुलिस ने एंबुलैंस के मालिक प्रदीप व दो चालकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी का समाचार नहीं है। मामले की जांच जारी है।

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Web Title: Pgi The child died before he arrived

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