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चंडीगढ़ : हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले ही आम आदमी पार्टी यानि ‘आप’ के कदम बिखराव की तरफ बढ़ गए हैं। इसे लेकर पार्टी नेताओं के बीच घमासान मचा हुआ है। इसकी वजह कोई ओर नहीं बल्कि हरियाणा में पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद हैं। जिन पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बगावत के आरोप लगाते हुए पार्टी संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्नी अरविंद केजरीवाल को 15 दिन का समय देते हुए प्रदेशाध्यक्ष को बदलने की मांग की है। लिहाजा अगर ऐसी अवस्था में पार्टी संयोजक का फैसला नेताओं के हक में नहीं आता तो आगामी फैसले की भी पार्टी नेताओं ने तैयारी कर ली है। दरअसल, वीरवार को आम आदमी पार्टी के हरियाणा से जुड़े नेताओं ने पत्नकारवार्ता के दौरान कहा कि उनकी नाराजगी न तो अरविंद केजरीवाल से है और न ही गोपाल राय व सुशील गुप्ता से। पार्टी नेताओं की नाराजगी केवल और केवल हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद से है। क्योंकि नवीन का बर्ताव पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति अपमानजनक और असंतोषजनक है।
लोकसभा चुनाव में हुए खर्च का प्रदेशाध्यक्ष ने नहीं दिया हिसाब : अंबाला लोकसभा अध्यक्ष योगेश्वर शर्मा, रोहतक लोकसभा अध्यक्ष पंकज बेनीवाल, प्रदेश प्रवक्ता आरएम राठी, राज्य कार्यकारिणी सदस्य विवेक लांबा, गुरु ग्राम लोकसभा अध्यक्ष मंजीत जैलदार, भिवानी लोकसभा अध्यक्ष जनरल रणवीर यादव, भिवानी जिलाध्यक्ष पवन हिंदुस्तानी, पंचकूला संगठन मंत्नी सुरेंद्र राठी, अंबाला लोकसभा एससी सैल विकास चौधरी, सोनीपत लोकसभा संगठन मंत्नी अनिल तुशीर, पंचकूला विधानसभा अध्यक्ष सुशील मेहता, नलवा विधानसभा अध्यक्ष अनु सूरा, हरियाणा मीडिया प्रभारी टीम ऋषभ मल्होत्ना, यमुनानगर जिला उपाध्यक्ष रजनीश बक्शी, हल्का अध्यक्ष गोहाना सुनील कुमार सहित अन्य नेताओं ने कहा कि लोकसभा चुनाव में प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद को 10 हजार वोट मिले। नवीन ने पहले ही दिन से पार्टी को मजबूत करने की बजाए खुद को मजबूत किया। नेताओं ने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी फंड के नाम पर नवीन ने हरियाणा के कई नेताओं से पैसा लिया, लेकिन उसका हिसाब-किताब आज तक नहीं दिया। यही नहीं उन्होंने चुनाव के दौरान पंडित नवीन जयहिंद लिखकर जातिवाद को बढ़ावा दिया। 

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Web Title: Kejriwal demands removal of State President Naveen

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