image

कैथल : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मेनपाल रामावत ने राजस्व विभाग, बिजली विभाग, जन स्वास्थ्य, नगर परिषद, श्रम विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को कहा कि वे आगामी 9 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में रखे जाने वाले मामलों की पहचान करें ताकि इन लंबित मामलों का इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से स्थाई निपटारा करवाया जा सके। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मेनपाल रामावत न्यायिक परिसर स्थित एडीआर सैंटर में संबंधित अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा संबंधित पार्टियों की सहमती से लंबित मामलों का स्थाई समाधान करवाने के  लिए समय-समय पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। इस बैठक में तहसीलदार छोटू राम, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्राधिकरण के सचिव ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से निपटाए जाने वाले मामलों का स्थाई समाधान होता है तथा इसके विरुद्घ किसी भी ऊपरी अदालत में अपील नहीं की जा सकती है। इस अदालत में संबंधित पार्टियों की सहमती से मामलों का निपटारा किया है, जिससे न तो किसी पार्टी की जीत होती है और न ही किसी पार्टी की हार होती है। इस प्रकार निपटारे से समाज में आपसी भाई चारे की भावना प्रबल होती है तथा अदालती कार्रवाई में नष्ट होने वाले अमूल्य समय एवं धन की भी बचत होती है।
इन मामलों को होगा निपटारा
9 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन तथा विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों को संबंधित पार्टियों की सहमति से निपटाया जाएगा। इस लोक अदालत में रखे जाने वाले प्री-लिटिगेशन मामलों में एनआई अधिनियम की धारा 138 के तहत मामले, धन रिकवरी मामले, श्रम विवाद मामले, नॉन कम्पाउंडेबल सहित बिजली व पानी बिलों के मामले, रख-रखाव संबंधित मामले अन्य आपराधिक कम्पाउंडेबल एवं अन्य सिविल मामले शामिल होंगे। विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों में आपराधिक कम्पाउंडेबल अपराध, एनआई एक्ट धारा 138, धन रिकवरी मामले, मोटर वाहन अधिनियम, श्रम विवाद मामले, बिजली एवं पानी बिल मामले नॉन कम्पाउंडेबल सहित वैवाहिक विवाद मामले (तलाक को छोड़कर), भूमि अधिग्रहण मामले, वेतन व भत्ते तथा सेवानिवृति लाभों से संबंधित सेवा मामले, केवल जिला न्यायालयों एवं उच्च न्यायालयों में राजस्व से संबंधित लंबित मामलों तथा अन्य सिविल मामले, जिनमें किराया आदि शामिल हैं। 

DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS

Web Title: Identify the matters put in Lok Adalat Officer: CJM

IPL 2019 News Update
free stats