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देश के आजाद होने के 3 साल बाद 1950 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साधारण परिवार में जन्म लिया। 17 सितंबर 2019 को पीएम मोदी में 69 बरस के हो गए हैं। उनके कड़क आवाज में भाषण, बड़े फैसले लेना आदि कार्यों के कारण उन्हें देश का ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली नेताओं में माना जाता है। उनके जन्मदिन के मौके पर आज हम उनके प्राभरिंक जीवन के बारे में बात करेंगे। नरेंद्र मोदी का जन्म गुजराज राज्य के मेहसाना जिले के एक छोटे टाउन वाडनगर में हुआ।  उनकी माता का नाम हीराबेन और पिता का नाम दामोदरदास मोदी था। 

नरेन्द्र मोदी ने बच्चपन से ही मेहनत करना सीख लिया था। छह भाइयों के बीच तीसरे बच्चे, मोदी ने अपने शुरुआती सालों में अपने पिता के साथ और अपने भाई के साथ चाय बेचने में मदद की। उन्होंने गुजरात में एक छोटे से शहर, वाडनगर में अपनी पढ़ाई पूरी की। यहां तक ​​की उनके स्कूली शिक्षा के वर्षों में और तुरंत उसके बाद उन्होंने भारत-पाक युद्ध के दौरान सैनिकों को चाय बेची। एक महान वक्ता के रूप में मोदी की पहली झलक उनके स्कूली शिक्षा के वर्षों में देखी गई। हाल ही के इंटरव्यू में, उनके स्कूल के शिक्षक ने यह बताया है कि वह औसत छात्र थे, वह हमेशा एक ज़बरदस्त भाषण देने वाले व्यक्ति थे, जो हर किसी सुनने वाले को अपनी और आकर्षित कर लेते थे।

बचपन से ही उनका संघ की तरफ खासा झुकाव था और गुजरात में आरएसएस का मजबूत आधार भी था। वे 1967 में 17 साल की उम्र में अहमदाबाद पहुंचे और उसी साल उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सदस्यता ली। वे भाषण देने में निपुण थे। इस समय उन्होंने खुद को राजनीति में समर्पित करने का एक सचेत निर्णय लिया। आरएसएस में उनके योगदान को स्वीकार करते हुए और 1977 के दौरान आपातकालीन आपात आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी से उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गईं। धीरे-धीरे एक-एक कदम बढ़ते हुए, उन्हें जल्द ही गुजरात में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रभारी बनाया गया। उनकी क्षमता को देखते हुए और एहसास करते हुए कि वह क्या हो सकते हैं, आरएसएस ने उन्हें 1980 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल किया।

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Web Title: Birthday Special: Journey from a tea seller to join BJP

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