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नई दिल्ली: बालाकोट हवाई हमलों के कई दिन बाद सरकार ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 40 से ज्यादा सुखोई लड़ाकू विमानों को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से लैस करने की प्रक्रिया तेज करने का फैसला किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ‘युद्ध नीति संबंधी’ परियोजना के कार्यान्वयन को तेज करने का फैसला बालाकोट हवाई हमले और उसके बाद पाकिस्तानी प्रतिक्रिया के करीब 6 हफ्ते बाद उठाया गया। सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड (एच.ए.एल.) और ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड (बी.ए.पी.एल.) इस परियोजना को लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एच.ए.एल.) और ब्रह्मोस एयरोस्पेस लिमिटेड को यह परियोजना शीघ्र लागू करने के लिए कहा गया है ताकि दिसंबर 2020 की निर्धारित समय सीमा से पहले इसे पूरा किया जा सके।

वायु सेना की युद्धक क्षमताओं को मजबूत करना मकसद 

आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि गहन निगरानी वाली इस रणनीतिक परियोजना का मकसद भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमताओं को मजबूत करना है। साल 2016 में सरकार ने 40 से ज्यादा सुखोई लड़ाकू विमानों में दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तैनात करने का फैसला किया था। सूत्रों ने बताया कि हालांकि, परियोजना पर असली काम 2017 के अंत तक शुरू हुआ, हालांकि इसका कार्यान्वयन काफी धीमा है। उन्होंने बताया कि बालाकोट हवाई हमलों और इसके बाद पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई की पृष्ठभूमि में भारतीय वायुसेना को मजबूत करने के तरीकों की समीक्षा की गई तथा यह महसूस किया गया कि सुखोई विमानों को ब्रह्मोस से जल्द लैस करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

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Web Title: Sukhoi aircraft attach with Brahmos missiles will be faster

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