image

हर घर में कोई न कोई छोटा बच्चा होता है और उस बच्चे को दूध पीने के लिए दूध की बोतल की आदत भी डाली जाती है। बच्चों को बॉटल का दूध इसलिए भी पीना पड़ता है क्‍योंकि उनके मां के पास उनके लिए वक्‍त की कमी है। काम की व्यस्तता में कामकाजी महिलाएं या व्यस्त गृहिणियां अपने शिशुओं को बोतल से दूध पिलाना ज्यादा आसान समझती हैं। क्योंकि अब उनके पास बच्चे को गोद में लिटाकर चम्मच से दूध पिलाने के लिए समय और धैर्य दोनों की कमी है।

बच्चों को कई कई बार सिरप भी दी जाती है जो की असल में शहद की होती है पर उस सिरप मे और दूध की बोतल में काफी सारे केमिकल होते हैं जो बच्चे के लिए बहुत हानिकारक साबित होते हैं । आज हम आपसे इसी बारे में कुछ खास बात करने जा रहे... 

ताजा रिसर्च में अलग-अलग राज्यों से दूध बोतल और सिपर के 20 सैंपल लिए गए। इनमें 14 बोतल और 6 सिपर शामिल थे। यह सैंपल दिल्ली के अलावा गुजरात, राजस्थान, केरल, आंध्र प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, मणिपुर से लिए गए। इनकी टेस्टिंग इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी, गुवाहाटी में करवाई गई। स्टडी में सामने आया कि दूध की बोतल और सिपर में मौजूद बीपीए खाने में जा रहा है। इन सभी 20 सैंपलों में पहली बार में 0.9 पीपीबी और 10.5 पीपीबी मिला जबकि दूसरी बार में 0.008 पीपीबी और 3.46 पीपीबी तक मिला है।

टॉक्सिक लिंक के असोसिएट डायरेक्टर सतीश सिन्हा के अनुसार इस तरह की पहली स्टडी 2014 में की थी, लेकिन अब इतने सालों बाद भी इस खतरनाक केमिकल की मौजूदगी चौंकाने वाली है। टॉक्सिक लिंक के प्रोग्राम को-र्डिनेटर डॉ. प्रशांत राजनकर ने बताया कि पॉली कार्बोनेट से बनी बेबी बॉटल पर बीआईएस ने 2015 में ही रोक लगा दी थी, लेकिन इसके बावजूद यह अब भी इंडियन मार्केट में उपलब्ध है।

DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS

Web Title: do not give milk to baby with bottle

More News From life-style

Next Stories
image

IPL 2019 News Update
free stats