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हमारे भारत में कई ऐसे ऐतिहासिक जगह हैं जहां का इतिहास सभी को अपनी ओर आकर्षित करता है और इतिहास से जुड़े कई बातों के बारे में आप जानते भी हैं और नहीं भी। ऐसी ही एक जगह है बिहार की राजधानी पटना से 220 किमी दूर गंगा नदी के तट पर बसा ऐतिहासिक शहर है भागलपुर। बता दें कि ‘भागदत्तपुरम का मतलब होता है भाग्‍य (गुडलक) का शहर। इस शहर में हिंदी भाषा बोली जाती है और जबकि यहां की क्षेत्रीय भाषा अंगिका है।

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भागलपुर का इतिहास-
दुनियाभर में तकरीबन 50 मिलिनय लोग इस भाषा का प्रयोग करते हैं और ये काफी प्रसिद्ध भाषा है। भागलपुर को देश के प्रमुख सिल्‍क उत्‍पादक के रूप में जाना जाता है औश्र इस शहर की जनसंख्‍या लगभग 350,000 है। यहां आपको चीनी और चावल की खूब मिलें दिख जाएंगी।

रामायण और महाभारत के सीरियल और फिल्‍मों में आपने भागलपुर शहर को देखा होगा। इस शहर पर कभी अंगा राजवंश का शासन हुआ करता था जिसके राजा कर्ण थे। आइए जानते हैं पौराणिक और ऐतिहासिक महत्‍व रखने वाले इस शहर के बारे में।

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पर्यटन- 
विद्वानों और शिक्षार्थियों को आज भी विक्रमशिला खूब आकर्षित करता है। यहां की सबसे खास बात है इसका विक्रमशिला महोत्‍वस। इस महोत्‍सव का आयोजन फरवरी में होती है जिसमें गंगा नदी में नावें तैरती हुईं दिखती हैं। ये नज़ारा बहुत अद्भुत होता है।

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कोलगंज रॉक कट मंदिर-
पांचवी और छठी शताब्‍दी के गुप्‍त राजवंश के शासनकाल से संबंधित है कोलगंज मंदिर। इस मंदिर को चट्टान को काटकर बनाया गया है और ये देखने में बहुत ही खूबसूरत और अद्भुत मंदिर है। इस मंदिर का सबसे प्रमुख आकर्षण बौद्ध, जैन और हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों का संग्रह है। प्राचीन भारत की चट्टानों को काटकर बनाई गई नक्‍काशियों का अध्‍ययन करने के लिए विदेशी आर्कियोलॉजिकल एक्‍सपर्ट इस मंदिर की ओर आ‍कर्षित होते हैं।

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Web Title: History of Bhagalpur

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