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क्या आप भी अपना अधिकतर समय अपने मोबाइल के साथ बिताते हैं? तो आपको यह जान कर हैरानी होगी कि मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल आप के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इस से थकान, सिरदर्द, बेचैनी नींद न आना जैसी कई बीमारियां हो जाती हैं। किशोरों की सुबह मोबाइल अलार्म से शुरू हो कर आईपैड व वीडियो गेम्स,कम्प्यूटर और वीडियो चैट, मूवी, लैपटॉप आदि के इर्द-गिर्द गुजरती है। दिनभर वे फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप्प जैसी सोशल नैटवर्किग साइट्स पर बिजी रहते हैं। इन्हें नए-नए गैजेट्स अपने जीवन में सब से अहम लगते हैं। इन की महत्ता को नकारा नहीं जा सकता, लेकिन अगर इन का उपयोग जरूरत से ज्यादा होने लगे तो यह एक संकेत है कि आप अपनी सेहत के साथ खुद ही खिलवाड़ कर रहे हैं।

देर रात तक स्मार्टफोन, टैब या लैपटॉप का इस्तेमाल करने से नींद पर असर पड़ सकता है। इस से न सिर्फ गहरी नींद में खलल पड़ेगा बल्कि अगली सुबह थकावट का एहसास भी होगा। यदि हम एक-दो रात अच्छी तरह से न सोएं तो थकावट का एहसास होने लगता है और चुस्ती कम हो जाती है। यह बात सही है कि इस से हमें शारीरिक या मानसिक तौर पर कोई नुक्सान नहीं होता, लेकिन यदि कई रातों तक नींद उड़ी रहे तो न सिर्फ शरीर पर थकान हावी रहेगी बल्कि एकाग्रता और सोचने की क्षमता पर भी असर पड़ेगा। लंबे समय में इस से उच्च रक्तचाप, मधुमेह और मोटापे जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।

गर्दन में दर्द 
लैपटॉप में स्क्रीन और कीबोर्ड काफी नजदीक होते हैं। इस कारण इस पर काम करने वाले को झुकना पड़ता है। इसे गोद में रख कर इस्तेमाल करने पर गर्दन को झुकाने की आवश्यकता पड़ती है। इस से गर्दन में खिंचाव पैदा होता है, जिस से दर्द होता है। कभी-कभी तो डिस्क भी अपनी जगह से खिसक जाती है। लैपटॉप पर ज्यादा समय तक काम करने से शरीर का पॉश्चर बिगड़ जाता है। लैपटॉप में कीबोर्ड कम जगह में बनाया जाता है। इसलिए इस में उंगलियों को अलग स्थितियों में काम करना पड़ता है। इस से उंगलियों में दर्द होता है। चमकती स्क्र ीन देखने पर आंखों में चुभन हो सकती है। आंखें लाल होना, उन में खुजली होना और धुंधला दिखाई देना सामान्य समस्याएं हैं।

स्पाइन, नर्व व मांसपेशियों में दिक्कत 
 दिन का अधिकतर समय लैपटॉप पर बिताने से स्पाइन मुड़ जाती है। इससे स्प्रिंग की तरह काम करने की गर्दन की जो कार्यप्रणाली है वह भी प्रभावित होती है। इस से तंत्रिकाएं क्षतिग्रस्त भी हो सकती हैं। अधिकतर लोग लैपटॉप को पैरों पर रख कर काम करते हैं। इस से भी मांसपेशियों को नुक्सान पहुंचता है।

ज्यादा टी.वी. देखना भी है हानिकारक 
 कुछ शोध के अनुसार 25 या उस से अधिक उम्र के लोगों द्वारा हर घंटे देखे गए टी.वी. से उन का जीवनकाल 22 सैकेंड कम हो जाता है। हर भारतीय एक सप्ताह में औसतन 15-20 घंटे टी.वी. देखता है। कई शोधों से यह बात भी सामने आई है कि हर घंटे देखे गए टी.वी. से उनका जीवनकाल 22 सैकेंड कम हो जाता है। रोज 2 घंटे टी.वी. के सामने बिताने से टाइप 2 डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा रत्न बढ़ जाता है।

पढ़ाई से ध्यान हटना 
जो युवा अपना अधिकतर समय कम्प्यूटर व गैजेट्स के सामने बिताते हैं उन की पढ़ने की क्षमता पर प्रभाव पड़ता है और धीरे-धीरे उन का मन पढ़ाई में कम और गैजेट्स में ज्यादा लगने लगता है। उन को घंटों बैठ कर पढ़ाई करने से ज्यादा अच्छा गेम खेलना लगता है। वे अगर किताबें लेकर बैठ भी जाते हैं तो भी उन का सारा ध्यान कम्प्यूटर पर ही टिका रहता है, जो उन की पर्सनैलिटी को नैगेटिव बनाने के साथ-साथ उन का करियर तक चौपट कर देता है। शोध के मुताबिक वायरलैस उपकरणों के ज्यादा उपयोग से इलैक्ट्रोमैग्नैटिक हाइपरसैंसेटिविटी की शिकायत हो जाती है, जिसे गैजेट एलर्जी भी कहा जा सकता है। कुछ विशेषज्ञ का कहना है कि नुक्सान करने वाली रेडिएशंस हमारे स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ करती हैं और हमारी कार्यक्षमता को कम करती हैं। हम पूरे दिन लगभग 500 बार इलैक्ट्रोमैग्नैटिक रेडिएशंस से प्रभावित होते हैं। ये हमारी एकाग्रता को प्रभावित करती हैं। हमें चिड़चिड़ा बनाती हैं और थके होने का एहसास कराती हैं।  सिरदर्द जैसी समस्या पैदा करती हैं।

क्या कहती है रिसर्च
एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जो किशोर कम्प्यूटर या टी.वी. के सामने ज्यादा वक्त बिताते हैं उन किशोरों की हड्डियों पर बुरा प्रभाव पड़ता है, जिस की वजह से वे गंभीर स्वास्थ्य संकट की ओर बढ़ रहे हैं। मोबाइल फोन, लैपटॉप आदि के ज्यादा इस्तेमाल से आप की उम्र तेजी से बढ़ रही है, जिस से आप जल्दी बूढ़े हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस स्थिति को टैकनैक कहते हैं। इस में इंसान की त्वचा ढीली हो जाती है। गाल लटक जाते हैं और झुर्रियां पड़ जाती हैं। इन सब के कारण इंसान का चेहरा उम्र से पहले ही बूढ़ा लगने लगता है। इस के अलावा आंखों के नीचे काले घेरे बनने लगते हैं और गर्दन व माथे पर उम्र से पहले ही गहरी लकीरें दिखने लगती हैं।

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Web Title: The use of smartphones is harmful to your health

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