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नवरात्र 2 हफ्ते में शुरू हो रहे हैं। इस दौरान उपवास रखने की सोच रहे मधुमेह रोगियों को पहली बार डाक्टरों ने चेताया है कि शुगर का स्तर 70 एमजी से कम होते ही वे उपवास तोड़ दें। इस संबंध में उन्होंने बकायदा दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। इन दिशा-निदेर्शों को जर्नल ऑफ एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया में प्रकाशित किया गया है। इसके मुताबिक, उपवास के दौरान बीच-बीच में ब्लड शुगर जांचते रहना चाहिए। 

परिजनों को भी बीमारी की जानकारी देनी चाहिए। टाइप-2 मधुमेह के ऐसे मरीज जिनका ब्लड शुगर स्थिर रहता है, वे उपवास कर सकते हैं लेकिन डाक्टरों की सलाह पर दवा की डोज में कुछ बदलाव करें। उपवास से पहले अप्रसंस्कृत अनाज, फल, नट्स,दालें और प्रोटीन युक्त आहार लेने चाहिए, ताकि शरीर को ऊर्जा मिलती रहे। यदि उपवास के दौरान पानी नहीं पीना है जो व्रत से पहले पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें। 

त्यौहार के अनुसार लें सलाह: दिन में 3 बार मेटाफॉर्मिन लेने वाले नवरात्र या रमजान में उपवास के दौरान रात में कुल डोज का दो-तिहाई व सुबह एक-तिहाई लें।

करवाचौथ, एकादशी और सोमवार जैसे एक दिन के उपवास में मरीजों को दिन की खुराक नहीं लेनी चाहिए।

जैन धर्मावलंबियों को मेटाफॉर्मिन को पूरी तरह छोड़ने एवं दवा के डोज में फेरबदल न करने की सलाह दी है।

इनसुलिन लेने वाले मरीजों के लिए सभी प्रकार के उपवासों में अलग-अलग मात्रा में इनसुलिन की डोज कम करने की सलाह दी गई है।

अनुमान: 40.6 करोड़ लोग साल 2018 में विश्व में मधुमेह का शिकार थे।

9.8 करोड़ भारतीयों के 2030 तक मधुमेह से पीड़ित होने का अनुमान

51.1 करोड़ लोगों के विश्वभर में 2030 तक मधुमेह पीड़ित होने का अनुमान

12 साल में दुनिया में मधुमेह रोगियों की संख्या 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ने की आशंका
 

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Web Title: Navratri Not Good For Diabetes Patients Health

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