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फेफड़े हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग हैं क्योंकि हम फेफड़ों के जरिए ही सांस लेते हैं। सांसें हमारे जिंदा रहने के लिए जरूरी हैं। फेफड़ों का काम वातावरण से हवा को लेना फिर ऑक्‍सीजन को अवशोषित कर कार्बन डाइऑक्साइड को वातावरण में छोड़ना है। ये ऑक्सीजन धमनियों और रक्त के सहारे दिल तक पहुंचता है और फिर वहां से शरीर के बाकी अंगों में पंप किया जाता है। इसलिए हमारे शरीर के लिए फेफड़े बहुत जरूरी हैं।

हमारे खान-पान का असर हमारे फेफड़ों पर भी पड़ता है। गलत खान-पान और हवा में घुले प्रदूषण के कारण फेफड़े संबंधी कई रोग जैसे- टीबी, अस्थमा, निमोनिया, इन्फ़्लुएन्ज़ा, फेफड़े का कैंसर आदि का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन अगर आप कुछ सावधानियां रखें और सही आहार लें, तो फेफड़ों के इन रोगों से आसानी से बचा जा सकता है।

ब्रिदिंग एक्ससरसाइज़: इस एक्सरसाइज को करने के लिए आपको अपनी सांस पर फोरस करता होता है जिससे दिमाग शांत और रिलैक्स होता है। इसे करने के लिए 4 सेकेंड तक सांस लें ताकि आपके फेफड़ों में ऑक्सीजन भर जाए। उसके बाद अगले 4 सेकेंड तक पूरी भरी हुई ऑक्सीजन को निकाल दें। इसे रोजाना 5 मिनट तक करें।

योगा: फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए योग फायदेमंद होता है। योग के दौरान जब आप गहरी सांस लेते हैं तो इससे रक्त प्रवाह बेहतर होता है जिसकी वजह से आपके फेफड़ों में ज्यादा ऑक्सीजन रह पाती है। फेफड़ों के साथ योगा डायफ्राम के लिए भी बेहतर वर्कआउट होता है।

स्वीमिंग: पानी के अंदर सांस रोककर रखने से आपके फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है। इसके साथ ही पानी श्वसन मांसपेशियों पर दबाव डालकर उन्हें मजबूत बनाता है। स्वीमिंग फेफड़ों के लिए लाभकारी एक्सरसाइज होती है।

कार्डियो: रनिंग जैसी एरोबिक्स एक्सरसाइज फेफड़ों के लिए फायदेमंद होती है। क्योंकि आपके शरीर को एक्सरसाइज के दौरान ज्यादा ऑक्सीजन की जरुरत होती है। जिसके लिए आपके फेफड़ों को ज्यादा काम करना पड़ता है। शारीरिक असक्रियता आपके फेफड़ों को नुकसान पहुंचने का सबसे बड़ा कारण होती है। इसलिए जॉगिंग, जुम्बा जैसे वर्कआउट करते रहने चाहिए।

वॉटर स्प्लैश: चेहरे पर ठंडा पानी डालने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है। यह आपकी हार्ट रेड को कम करके गहरी सांस को आसान बनाने में मदद करती है। इसलिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से पहले चेहरे पर ठंडा पानी जरुर डालें।

लहसुन: लहसुन को कफनाशक समझा जाता है। भोजन के बाद लहसुन का सेवन करने से छाती साफ रहती है और कई रोगों से रक्षा होती है। लहसुन में एलिसीन होता है जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा लहसुन में कई एंटीऑक्सीडेंट हेते हैं जो संक्रमण से लड़ते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। अस्थमा रोगियों को अपने आहार में लहसुन को जरूर शामिल करना चाहिए।

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Web Title: how to strengthen lungs naturally

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