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एरिदमिया की अनदेखी करने पर मरीज के दिल पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है और हर्ट पूरी बॉडी में ठीक से ब्लड की सप्लाई नहीं कर पाता है। इस कारण हर्टफेलियर, ब्रेन से संबंधित बीमारिया या शरीर के अन्य ऑर्गन फेल हो सकते हैं। 

ऐरिदमिया दिल की धड़कनों से संबंधित एक समस्या है। इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति के दिल की धड़कने या तो बहुत तेज हो जाती है या बहुत कम हो जाती है या फिर धड़कनों का फ्लो नहीं बना रहता है। 

जब धड़कने बहुत तेज हो जाती हैं तो इस स्थिति को ताकिकार्डिया कहते हैं और जब धड़कने बहुत धीमी हो जाती हैं तो इस स्थिति को ब्राडिकार्डिया कहते हैं।
ऐरिदमिया की स्थिति हर्ट टिश्यूज में बदलाव या एक्टिविटी में बदलाव के कारण या दिल की धड़कनों को कंट्रोल करने वाले इलैक्ट्रिकल सिग्नल्स में बदलाव के कारण होता है। 

यह स्थिति किसी बीमारी के कारण टिश्यू डैमेज होने से भी हो सकती है। किसी चोट या घाव के कारण ऐसा हो सकता है। वहीं कुछ लोगों में वंशानुगत कारणों से भी यह स्थिति हो सकती है। हालांकि इसके कोई स्पष्ट लक्षण और वजहें अभी सामने नहीं आ पाएं हैं। 

लेकिन कुछ लोग अपनी धड़कनों में होनेवाले इस बदलाव से प्रभावित होते हैं। इस स्थिति में सांस लेने में परेशानी होना, चक्कर आना या सिर चकराना जैसी स्थिति सामने आ सकती है। 

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Web Title: Arrhythmia affect the heartbeat

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