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अक्सर कई लोगों को रात में सोते समय खर्राटे आते हैं और सांस लेना कुछ समय के लिए बंद हो जाता है। बता दें यह समस्या ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया (ओएसए) नामक रोग कहलाता है। बता दें सोते समय अक्सर सांस लेने की प्रक्रिया कुछ पलों के लिए रुक जाती है और इसके बाद यह फिर शुरू हो जाती है। बता दें इसका मुख्य कारण नींद के दौरान प्रर्याप्त ऑक्सीजन शरीर में नहीं जाता। एक अध्ययन में आगाह किया गया है कि ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया (ओएसए) विकार से पीड़ित महिलाओं में कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है। खर्राटे, नींद की गड़बड़ी और थकान इस विकार के सामान्य लक्षण हैं।

शोधकर्तानुसार 19 हजार से ज्यादा लोगों पर किए गए अध्ययन से जाहिर होता है कि ओएसए का कैंसर से जुड़ाव हो सकता है। पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं से इसका गहरा जुड़ाव पाया गया है। अध्ययन से जाहिर होता है कि महिलाओं में ओएसए की गंभीरता कैंसर का संकेत हो सकता है।’ शोधकर्ताओं ने यह निष्कर्ष अध्ययन में शामिल किए गए 19 हजार से ज्यादा महिलाओं और पुरुषों के डाटा के विश्लेषण के आधार पर निकाला है।

कई लोगों को सोते समय मुंह खोलकर सोने की आदत होती है जिससे व्यक्ति नाक की जगह मुंह से सांस लेता है, लेकिन बता दें कि मुंह खोलकर सोने से ऑक्सीजन का संचार सही तरीके से ब्रेन तक नहीं होता, जिससे बच्चे का मानसिक विकास अवरूद्ध होने लगता है। बच्चा स्कूल में पिछडऩे लगता है। उसके मुंह खोलकर सोने के पीछे का कारण ट्रॉसिल भी हो सकता है। इसमें दर्द न होने से अभिभावक को इसकी जानकारी नहीं मिल पाती। जिससे इलाज शुरू होने में काफी देर हो जाता है।

ये होते हैं बीमारी के लक्षण-
- इन्सोम्निया में नींद नहीं आती और रात करवटें बदलते गुजर जाती है, जबकि स्लीप एप्निया में नींद आती तो है, मगर रात में झटके से कई-कई बार खुलती है। अब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया में मरीज सांस लेने में परेशानी का अनुभव करता है, जिससे रात में उसकी नींद खुलती रहती है। सुबह जागने पर ताजगी महसूस नहीं होती और दिन भर थकान महसूस होती है।

- इतनी जोर से खर्राटे लेना कि अन्य लोगों की नींद में खलल पड़े सोते हुए बीच-बीच में अचानक सांस नहीं आना, जिससे अक्सर पीड़ित व्यक्ति नींद से उठ जाता है

- दिन भर सुस्ती छाई रहना, जिससे व्यक्ति काम के दौरान, टेलीविजन देखते हुए या वाहन चलाते हुए सो सकता है

- मोटापे से ग्रस्त लोगों को ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया होनी की आशंकाएं ज्यादा होती हैं। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया होने की संभावना उन लोगों में दोगुनी हो जाती है, जिन्हें रात में अक्सर नाक बंद होने की समस्या रहती है।

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Web Title: Never sleep to mouth open

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