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कड़वे तेल के नाम से पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाने वाला सरसों का तेल अपनी तासीर और गुणों के कारण कई तरह की समस्याओं में औषधि‍ के रूप में भी उपयोग किया जाता है। अगर आप अब तक इसके स्वास्थ्यवर्धक गुणों से अनजान हैं, तो आगे जरूर पढ़ें...

दरअसल, आपने इसकी फलियों के बारे में ज्यादा नहीं सुना होगा। इन फलियों में अनेक औषधीय गुण पाए जाते हैं। वैज्ञानिक शोध पत्रिका 'लांसेट' में प्रकाशित एक क्लीनिकल स्टडी के अनुसार, सरसों की फलियां हमारे शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो सकती है। 

अक्सर बीमार रहने वाले लोगों के एक समूह को इसकी फलियों का सेवन 15 दिनों तक लगातार करवाया गया और परिणाम देखने पर पाया गया कि इन लोगों की रोगप्रतिरोधक क्षमता में काफी सुधार हुआ। 

इसके अलावा दांतों से जुड़ी समस्याओं जैसे पायरिया और मसूड़ों की सूजन की परेशानी होने पर सरसों की फलियों को चबाना चाहिए. कई जगह तो आटा गूंथते समय उसमें सरसों के छोटे पीले फूलों को भी डाले जाते हैं। 

भूख नहीं लगने पर भी सरसों का तेल आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर भूख न लगे, तो खाना बनाने में सरसों के तेल का उपयोग करना लाभप्रद होता है। शरीर में पाचन तंत्र को दुरूस्त करने में भी लाभदायक होता है।

सरसों के तेल का प्रयोग करने से से कोरोनरी हार्ट डिसीज का खतरा भी कम होता है। इसलिए सरसों के तेल को अपने खाने में जरुर शामिल करें।

इसमें विटामिन ई भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो त्वचा को अल्‍ट्रावाइलेट किरणों और पल्‍यूशन से बचाता है। साथ ही यह झाइयों और झुर्रियों से भी काफी हद तक राहत दिलाने में मदद करता है।

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Web Title: health benefits of mustard oil

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