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जब से भारत सरकार ने प्लास्टिक और पॉलिथीन की बनी थैलियों पर पाबन्दी की घोषणा की है तभी से कई सारे राज्यों में इसके इस्तेमाल पर काफी हद तक बैन लग चुका है। प्लास्टिक से बनी थैलियां इस कदर हमारे जीवन का हिस्सा बन चुकी है कि उन्हें पूरी तरह बंद करना काफी मुश्किल काम है और ये तभी संभव हो पाएगा जब इन पॉलिथीन की थैलियों का कोई विकल्प हमारे सामने होगा। तो इसका सबसे अच्छा विकल्प है पेपर बैग पेपर बैग का चलन हमारे देश में बड़ी तेजी के साथ बढ़ रहा है और वो दिन दूर नहीं जब दुकानों, शॉपिंग मॉल व हर जगह आपको सिर्फ पेपर बैग ही दिखाई देंगे।  इस समय मार्कीट में पेपर बैग की मांग बहुत ज्यादा है तो ऐसे में अगर आप खुद का बिजनैस शुरू करने की सोच रहे है तो ये आइडिया आपके लिए बहुत ज्यादा फायदे वाला साबित हो सकता है क्योंकि इस बिजनैस में कंपीटिशन बहुत कम है और अगर आपने सही दिशा में जी तोड़ मेहनत कर ली तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

व्यापार का अवसर एवं क्षेत्र
 प्लास्टिक थैलियों के मुकाबले पेपर बैग दिखने में काफी स्टाइलिश होते है। और बड़े शहरों में लोगो के बीच इसका क्रेज बढ़ता जा रहा है। निम्न जगहों पर पेपर बैग बहुत ज्यादा प्रचलित हैं:किरयाने की दुकानों पर, शॉपिंग मॉल में, मैडिकल स्टोर्स पर, फल व सब्जियों की दुकानों पर पेपर बैग की मांग इतनी तेजी से बढ़ रही है की आने वाले कुछ सालों में पेपर बैग मेकिंग बिजनैस अरबों रुपए का हो जाएगा। इसकी सबसे बड़ी वजह ये है की ये इको-फ्रैंडली होने के साथ-साथ बहुत सस्ते भी है।
पेपर बैग को आसानी से री-साइकिल किया जा सकता है और वातावरण को इससे जरा भी नुक्सान नहीं होता है। इसीलिए जितनी जल्दी आप यह बिजनैस स्टार्ट करोगे आपको उतना ही ज्यादा प्रॉफिट होगा।

व्यापार के लिए जगह का चुनाव 
किसी भी व्यापार के लिए सही जगह का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। बिजनैस शुरू करने से पहले कुछ बातों की पूरी जानकारी लेना बहुत जरूरी है क्योंकि अगर एक बार मशीनें इनस्टॉल हो गई तो उन्हें वापस से दूसरी जगह इनस्टॉल करना बहुत भारी पड़ सकता है।

इसके लिए आप निम्नलिखित बातों को अवश्य ध्यान में रखें

पेपर बैग मेकिंग बिजनैस के लिए जगह ऐसी लोकेशन पर हो कि आसपास के लोगों को मशीनों की आवाज से कोई परेशानी न हो। इसके लिए आप शहर कुछ दूरी पर जगह का चुनाव करें ध्यान रहे उस जगह की शहर से ज्यादा दूरी न हो। उस जगह से शहर तक सड़क की अच्छी व्यवस्था हो। माल लाने व ले जाने के लिए गाड़ियों के पहुंचने की व्यवस्था हो।
पानी व बिजली की व्यवस्था हो।
मजदूर आसानी से उपलब्ध हो।

व्यापार पंजीकरण 
 पेपर बैग व्यापार शुरू करने से पहले अपने बिजनैस को रजिस्टर करवाना बिल्कुल भी न भूले। इसके लिए आपको अपने कस्बे या शहर की नगर-पालिका/नगर-निगम से ट्रैड लाइसैंस व साथ ही भारत सरकार की ओर से जारी की जाने वाली उद्योग आधार संख्या के लिए आवेदन करना होगा।

मशीनों की जानकारी
पेपर बैग बनाने के लिए मार्कीट में कई सारी अलग अलग कंपनियों की मशीनें उपलब्ध है। जिनमें से कुछ स्वचालित है तो कुछ को आपको खुद को ही चलाना होगा। ऐसी भी बहुत सारी मशीनें है जो पेपर बैग बनाने के साथ साथ उन पर प्रिंटिंग की सुविधा भी देती है। इन्हीं सब खूबियों की वजह से इनकी कीमतों में अंतर है। पेपर बैग बनाने की मशीन की कीमत 3 लाख रुपए से लेकर 20 लाख रुपए तक हो सकती है। जितनी महंगी मशीन होगी पेपर बैग का उत्पादन व गुणवत्ता उतनी ही अच्छी होगी।  मशीन को आप ऑफलाइन या ऑनलाइन दोनों तरीकों से खरीद सकते है। 

आवश्यक कच्चा माल 
पेपर बैग बनाने के लिए कई तरह के कागजों का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ कागज अच्छी क्वालिटी वाले तो कुछ बहुत ही हल्के होते है। अगर आप शॉपिंग मॉल को ध्यान में रखते हुए पेपर बैग बना रहे है जहां ग्राहकों द्वारा एक साथ कई सारे सामान, कपड़े और ग्रोसरी खरीदी जाती है तो आपको अच्छी गुणवत्ता वाला कागज ही इस्तेमाल करना होगा। अगर आप सस्ता विकल्प ढूंढ रहे है तो कागज के लिए अखबार का इस्तेमाल भी कर सकते है लेकिन यह आपके ब्रांड की वैल्यू मार्कीट में कम कर देगा। यह आपको निश्चय करना है की आप कौन-सा कागज इस्तेमाल में लेते हो। पेपर बैग बनाने के लिए ये चार चीजे अत्यधिक आवश्यक है।
पेपर रोल
चिपकाने के लिए गौद
छपाई के लिए प्रिंटिंग इंक
बैग स्ट्रिप (ग्राहकों को बैग पकड़ने के लिए आवश्यक तार)

पेपर बैग बनाने की प्रक्रिया 
 पेपर बैग बनाने का काम पूर्णतया मशीन द्वारा ही किया जाता है। सिर्फ एक व्यक्ति जो मशीन चलाना जानता हो आसानी से उस मशीन को ऑपरेट कर सकता है। आपको केवल एक बार जरूरी पेपर रोल, गौद, छपाई के लिए प्रिंटिंग इंक मशीन में लगानी है उसके बाद मशीन स्वत: ही अपना काम करने लगती है।

कुल लागत का गणित 
अगर आप छोटे स्तर पर यह काम शुरू करना चाहते है तो आपको मशीन के लिए कम से कम 3 से 5 लाख खर्च करने पड़ेगें। मशीन के अलावा भी अन्य कच्चा मॉल, जगह का किराया, बिजली का बिल,मजदूर की तनख्वाह, ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा मिलाकर इसकी कुल लागत 6 से 7 लाख रुपए तक पड़ेगी।

मार्कीटिंग एंड प्रमोशन 
 अपने बिजनैस की मार्कीटिंग या प्रमोशन के लिए आप ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीका अपना सकते है। ऑफलाइन मार्कीटिंग  या प्रमोशन के लिए आप अपने शहर के साथ-साथ नजदीकी शहरों या कस्बों में शॉपिंग मॉल, किरयाने की दुकानों, फल व सब्जियों की दुकानों, मैडिकल स्टोर्स आदि पर जा कर अपने प्रोडक्ट्स के बारे में बता सकते है। इसके लिए आपको विजिटिंग कार्ड और पम्पलेट जिसमें अपने प्रोडक्ट की सारी खूबियां व मूल्य व्यवस्थित रूप से निर्धारित किए गए हो की जरूरत पड़ेगी। ऑफलाइन मार्कीटिंग  करने से पहले आपको खुद को इसके लिए तैयार करना होगा। उन सवालों के जवाब आपको पहले से ही तैयार रखने होंगे जो आपके कस्टमर्स आप से पूछ सकते है।

कहने का मतलब ये है कि ऑफलाइन मार्कीटिंग  करने से पहले एक अच्छे इंस्टीट्यूट से मार्कीटिंग  की जरूरी स्किल जरूर सीख लें। और अगर आपके पास बजट ज्यादा है तो मार्कीटिंग  के लिए आप किसी अनुभवी व्यक्ति को नौकरी पर भी रख सकते है। ऑनलाइन मार्कीटिंग  या प्रमोशन के लिए कई सारे तरीके उपलब्ध है। वर्तमान में लोगों के बीच इंटरनैट की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अपने प्रोडक्ट की मार्कीटिंग या प्रमोशन के लिए यह सबसे अच्छा विकल्प है। ऑनलाइन मार्कीटिंग  का सबसे अच्छा फायदा यह है कि इंटरनैट की मदद से घर बैठे आप पूरी दुनिया में अपने प्रोडक्ट का प्रमोशन कर सकते हो और इसमें होने वाला खर्चा भी न के बराबर है।  

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Web Title: Make paper bags, earn millions of rupees, know how it works

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