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  इसी हफ्ते जर्मनी में आयोजित हनोवर उद्योग मेले में मोटर गाड़ी उपयोगी पुरजे, स्मार्ट फैक्ट्री, 5जी, रसद 4.0 और नयी सामग्री और नयी ऊर्जा आदि तरह-तरह की बुद्धिमान विनिर्माण रूपरेखाएं प्रदर्शित की जा रही हैं। इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित उद्योगधंधों का स्पष्ट संकेत है यानी कि औद्योगिक उन्नयन का मौका नहीं चूकना चाहिये, और विभिन्न देशों को इस के प्रति सही नीति अपनानी चाहिये।

    हनोवर उद्योग मेला विश्व में सबसे भव्य वार्षिक औद्योगिक प्रदर्शनी मानी जाती है। वर्ष 2011 के हनोवर उद्योग मेले में जर्मनी ने "उद्योग 4.0" अवधारणा प्रस्तुत की। जिससे जर्मनी के विनिर्माण उद्योगों के उन्नयन और दूसरे बड़े देशों को अपनी विकास रूपरेखा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इसी साल के मेले में "उद्योग 4.0" अवधारणा को साकार किया जा रहा है। मेले के एक जिम्मेदार अफसर ने कहा कि "उद्योग 4.0" का केंद्र कृत्रिम बुद्धि ही है। इस के तहत 5जी और क्लाउड कंप्यूटिंग भी इस साल के मेले में कुंजीभूत शब्द बन गये हैं।   

इस साल के मेले में चीन के 1300 उद्योगधंधों ने भाग लिया जो मेले में सबसे ज्यादा है। चीन और जर्मनी के नेताओं ने भी अनेक बार बताया है कि चीन और जर्मनी के बीच विनिर्माण उद्योग के संदर्भ में आदान प्रदान करने की बड़ी संभावना है। सबसे ताज़ा आंकड़ों के अनुसार जर्मनी में औद्योगिक और निर्यातित गिरावट से सरकार ने जीडीपी की वृद्धि दर को 1 प्रतिशत तक कम किया है, जबकि पिछले साल की दर 1.5 प्रतिशत रही। इसी स्थिति में विदेशों के साथ सहयोग करना जर्मनी उद्योगों का महत्वपूर्ण विकल्प है। इधर तीन सालों में चीन जर्मनी का सबसे बड़ा व्यापार सहपाठी बना है। अभी तक जर्मनी के उद्योगधंधों ने चीन में 33.4 अरब अमेरिकी डालर का निवेश किया है, जो यूरोप में सबसे अधिक है। दोनों देशों के 43 शहरों को चीन-जर्मन औद्योगिक शहर गठबंधन की सदस्यता प्राप्त हुई है। चीन और जर्मनी के विनिर्माण उद्योगों का उभय जीत का आदर्श बनाया गया है। जर्मन चांसलर मार्केल ने हनोवर उद्योग मेले में अपने देश के उद्योगधंधों से नवाचार के जरिये प्रतिस्पर्धा शक्ति बनाये रखने की अपील की। उन्होंने जर्मनी के 5जी तकनीक के निर्माण में किसी भी कारोबार को वंचित कराने का विरोध प्रकट किया। उन्हों ने चीनी कंपनी ह्वावेई के सवाल पर यूरोप को एकजुट रुख अपनाने की इच्छा भी व्यक्त की।

गौरतलब है कि चौथी औद्योगिक क्रांति का द्वार खुला हुआ है। औद्योगिक उन्नयन का रूझान नहीं रोका जा सकता है। सहयोग और उभय जीत की दिशा को नहीं मोड़ा जाएगा। इसलिए विभिन्न देशों के उद्योगधंधों को ऐतिहासिक रूझान के अनुकूल होकर औद्योगिक विकास की प्रतिस्पर्धा में मौका पकड़ना चाहिये।

 

(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)

 

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Web Title: Should not miss the chance of industrial upgradation

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