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  13वीं एनपीसी का दूसरा पूर्णाधिवेशन 15 मार्च को पेइचिंग में संपन्न हुआ। सम्मेलन ने मौजूदा सरकार द्वारा प्रस्तुत सरकारी कार्य रिपोर्ट की पुष्टि की और उच्च स्तरीय खुलेपन को आगे बढ़ाने वाले विदेशी निवेश कानून को पारित किया। पूर्णाधिवेशन के बाद आयोजित देसी-विदेशी संवाददाता सम्मेलन में चीनी प्रधानमंत्री ली खछ्यांग ने कहा कि चाहे कैसी नई स्थिति सामने क्यों आई, चीन वर्तमान स्थिति के आधार पर दूरगामी दृष्टि अपनाते हुए आर्थिक स्थिरता को बनाए रखेगा, दीर्घकालीन में आर्थिक के अच्छे रुझान को बनाए रखेगा। चीनी अर्थतंत्र वैश्विक अर्थतंत्र की स्थिरता का एक महत्वपूर्ण लंगर बनेगा।  

   रायटर के पत्रकार के सवाल के जवाब में ली खछ्यांग ने कहा कि चीन के अर्थतंत्र ने सचमुच नये दबाव का सामना किया है, लेकिन अब विश्व आर्थिक विकास भी धीमा रहा है। पहले कई अंतर्राष्ट्रीय आधिकारिक संगठनों ने विश्व आर्थिक विकास की वृद्धि दर को कम किया। चीन ने भी आर्थिक विकास की वृद्धि दर के लक्ष्य को उचित रूप से कम किया। यह इस बात का द्योतक है कि चीन आर्थिक विकास को उचित दायरे के बाहर नहीं जाने देगा।

ली खछ्यांग ने कहा कि इस साल कई अनिश्चितताएं उभरेंगी। चाहे कोई भी स्थिति आए, चीन देश की आर्थिक स्थिरता बरकरार रखेगा और चीनी अर्थतंत्र के बेहतर होने की प्रवृत्ति को बनाए रखेगा।

   पत्रकार सम्मेलन में ली खछ्यांग ने चीन के विकास में सुधार के महत्व को बल दिया और कहा कि चीन लगातार खुलेपन को विस्तार करेगा। इस वर्ष चीन सरकार संपदा अधिकार संरक्षण के बारे में नयी नकारात्मक सूची प्रस्तुत करेगी और खुलेपन की गर्माहट को बरकरार रखेगी।

   ली खछ्यांग ने कहा कि चीन विदेशी निवेश को राष्ट्रीय उपचार तथा नकारात्मक सूची प्रबंधन की प्रणाली लागू करेगा। इस वर्ष चीन नई नकारात्मक सूची प्रदान करेगा, इस का मतलब है कि विदेशी निवेशों के लिए प्रवेश का दायरा और बढ़ेगा। इसके साथ चीन संपदा अधिकार कानून में संशोधन करेगा और जो संपदा अधिकार का उल्लंघन करता है, उसे दंडात्मक भुगतान करना पड़ेगा। इस तरह संपदा अधिकार का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ़ जबरदस्त दंड दिया जाएगा। ली ने यह आशा जतायी कि विदेशी सरकार निष्पक्ष तौर पर अपने उद्यमों के चीनी कारोबारों के साथ स्वयं सहयोग को देखेंगी।  

    ली खछ्यांग ने कहा कि 13वीं राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा के द्वितीय पूर्णाधिवेशन में विदेशी निवेश कानून को पारित किया गया है जिससे यह जाहिर है कि चीन विदेशी निवेश का कानूनी ढ़ंग से संरक्षण करेगा और इससे विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि चीन सरकार इस कानून के मुताबिक सिलसिलेवार नियम और दस्तावेज़ प्रस्तुत करेगी, ताकि विदेशी निवेश कानून के कार्यांवयन की गारंटी कर सके।  

चीन और अमेरिका के बीच व्यापारिक विवाद से संबंधित सवाल के जवाब देते हुए ली खछ्यांग ने कहा कि चीन और अमेरिका के संबंधों के आगे विकास करने की प्रवृत्ति में कोई बदलाव नहीं आया है। दोनों के बीच व्यापारिक वार्ता कभी नहीं रुकी है। चीन आशा करता है कि द्विपक्षीय सलाह मशविरे में उपलब्धियां हासिल होंगी और आपसी लाभ व साझी जीत साकार की जा सकेगी।

ली खछ्यांग ने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच राजनयिक संबंध स्थापना के पिछले 40 सालों में द्विपक्षीय संबंध आगे विकसित होते रहे हैं और प्रचुर उपलब्धियां हासिल हुई हैं। चाहे इस प्रक्रिया में कोई भी बाधा आयी हो फिर भी आगे विकास करने की प्रवृत्ति कभी नहीं बदली है। चीन और अमेरिका के व्यापक समान हित हैं, जो मतभेदों से कहीं ज्यादा हैं। चीन और अमेरिका के बीच स्थिर द्विपक्षीय संबंधों को बरकरार रखना न केवल दोनों पक्षों के हित में हैं, बल्कि दुनिया के लिए भी लाभदायक है।

ली खछ्यांग ने जोर देते हुए कहा कि विश्व की दो प्रमुख आर्थिक इकाइयां होने के नाते चीन और अमेरिका को एक दूसरे का सम्मान करने, समानता और आपसी लाभ वाले सिद्धांत के आधार पर व्यापारिक संबंधों समेत द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाना चाहिए। चीनी और अमेरिकी जनता गतिरोध व मतभेदों का नियंत्रण करने में सक्षम है।

ली खछ्यांग ने बल देत हुए कहा कि चीन-अमेरिका व्यापारिक विवाद दोनों देशों के बीच मौजूद द्विपक्षीय मामला है। चीन तीसरे पक्ष का प्रयोग नहीं करेगा और तीसरे पक्ष को नुकसान भी नहीं पहुंचेगा।

संवाददाता सम्मेलन में ली खछ्यांग ने चीन-रूस, चीन-यूरोप, चीन-जापान-दक्षिण कोरिया और कोरियाई प्रायद्वीप से संबंधित मुद्दों को लेकर चीन के रूख पर प्रकाश डाला।

 

(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)

  

 

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Web Title: Future of China's Future Economic Development: Prime Minister Lee Khachyang

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