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16वां चीन-आसियान एक्सपो 21 सितंबर को दक्षिणी चीन के नाननींग शहर में उद्घाटित होगा। चीन और आसियान देशों के बीच सबसे महत्वपूर्ण सहयोग मंच में से एक होने के नाते इस एक्सपो की थीम है "बेल्ट एंड रोड का सह-निर्माण और सहयोग विजन बनाना"। एक्सपो में दोनों पक्षों के बीच सहयोग करने के अनेक समझौते संपन्न हो जाएंगे। 

    आसियान के दस सदस्य देशों में 60 करोड़ जनसंख्या है जो विश्व में सबसे क्रियाशील क्षेत्रों में से एक मानी जाती है। विश्व आर्थिक मंच का पूर्वानुमान है कि वर्ष 2020 तक आसियान विश्व का पांचवां बड़ा अर्थतंत्र बनेगा। आर्थिक उन्नयन करने के लिए आसियान ने वर्ष 2016 में "आसियान इंटरकनेक्शन मास्टर प्लान 2025" प्रकाशित किया जिसके मुताबिक सतत बुनियादी ढांचे का निर्माण, रसद और डिजिटल नवाचार आसियान के प्राथमिकता विकास लक्ष्य बनेंगे। ये चीन के“बेल्ट एंड रोड”पहल में प्रस्तुत "नीति संचार, सुविधा कनेक्टिविटी, सुगम व्यापार, वित्तीय सहयोग और मानवीय आदान-प्रदान" से मेल खाता है। 

 जुलाई माह में आयोजित 52वें आसियान विदेश मंत्री सम्मेलन में आसियान देशों ने चीन के साथ "आसियान इंटरकनेक्शन मास्टर प्लान 2025" को“बेल्ट एंड रोड”के साथ जोड़ने पर सहमति संपन्न की। अनुमान है कि रणनीतिक जुड़ाव से दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग को गहराने के लिए विशाल गुंजाइश तैयार होगी। 

    व्यापार चीन और आसियान देशों के बीच सहयोग करने का आधार है। चीन पिछले दस सालों के लिए आसियान देशों के लिए सबसे बड़ा व्यापार साथी बना है। गत वर्ष दोनों के बीच व्यापार रकम 5 खरब 87.8 अरब अमेरिकी डालर तक रही जो पिछले साल से 14.1 प्रतिशत अधिक रही। दोतरफा निवेश की रकम दो खरब अमेरिकी डॉलर तक जा पहुंची है। पता चला है कि वर्तमान एक्सपो में आसियान देशों में चीनी निवेश के प्रति प्रथम ब्लू बूक जारी किया जाएगा जो सहयोग करने का जोरदार संकेत भेजेगा। आसियान देशों में चीनी निवेश में ढ़ांचागत सुधार होने के चलते दोनों पक्षों के बीच व्यापार करने की नयी शक्ति मिलेगी। 

  बुनियादी उपकरणों का निर्माण करना दोनों पक्षों के बीच सहयोग करने का उभय जीत मंच है।“बेल्ट एंड रोड”के ढ़ांचे में चीन-लाओस रेलवे, चीन-थाइलैंड रेलवे, इंडोनेशिया में जकार्ता-बांडुंग हाई स्पीड रेलवे आदि परियोजनाओं का निर्माण करने से आसियान देशों में बुनियादी उपकरणों को मजबूत किया गया है। चीन के छोंगछींग शहर और सिंगापुर के बीच "थल-समुद्री न्यू चैनल" सहयोग भी सुभीते से चल रहा है। जिसके अनुसार रेल, समुद्री परिवहन और राजमार्ग के माध्यम से पश्चिमी चीन को आसियान देशों के साथ जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के मुद्दे एक्सपो में भी प्रदर्शित किये जाएंगे। 

डिजिटल आर्थिक सहयोग चीन-आसियान सहयोग की भावी प्रवृत्ति है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने वर्ष 2017 में "21वीं शताब्दी डिजिटल सिल्क रोड" की अवधारणा प्रस्तुत की। उसी साल चीन, लाओस और थाईलैंड समेत सात देशों ने संयुक्त रूप से "बेल्ट एंड रोड" डिजिटल अर्थव्यवस्था अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पहल प्रस्तुत की। चीन डिजिटल अर्थतंत्र के क्षेत्र में आसियान देशों में रणनीतिक निवेशक, डिजिटल तकनीक का प्रशिक्षक और डिजिटल बुनियादी ढांचे का निर्माता बनेगा। दोनों पक्षों ने वर्ष 2020 को डिजिटल अर्थतंत्र सहयोग साल तय किया है। और दोनों पक्ष ई-कॉमर्स, तकनीकी नवाचार, 5जी नेटवर्क और स्मार्ट सिटी आदि में सहयोग करेंगे। एक्सपो में नयी औद्योगिक तत्वों की झलक दिखाई जाएगी। एक्सपो में 5जी व्यक्तिगत टर्मिनल, क्लाउड इंटेलिजेंट रोबोट और वित्तीय बड़े डेटा आदि उत्पादों का अनावरण किया जाएगा।

16 सालों के प्रयासों से आज चीन-आसियान एक्सपो चीन और आसियान देशों के बीच सहयोग करने का महत्वपूर्ण मंच बना है। विश्व में नये दौर की वैज्ञानिक और तकनीकी क्रांति, एकतरफावाद तथा संरक्षणवाद उभरने की स्थितियों में चीन और आसियान के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग करने का महत्व साबित है। विश्वास है कि वर्तमान एक्सपो के आयोजन से चीन और आसियान के बीच सहयोग का उन्नयन किया जाएगा और एशिया व प्रशांत के विकास में नयी शक्ति डाली जाएगी। 

(साभार---चाइना रेडियो इंटरनेशनल ,पेइचिंग)

    

 

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Web Title: Note उन्नयन Upgradation of China-ASEAN Cooperation through "Belt and Road"

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