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चीनी जनरल कस्टम प्रशासन द्वारा 10 जून को जारी आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष के पहले पांच महीनों में, चीन का विदेशी व्यापार आयात व निर्यात मूल्य 121 खरब युआन तक पहुंचा। इस के साथ ही अभी अभी बीते चीनी ड्रैगन बोट उत्सव के दौरान चीन की पर्यटन आय में 8.6 प्रतिशत की बढोतरी दर्ज की गयी।

विश्व व्यापारिक विवाद के तीव्र होने और अंतर्राष्ट्रीय आयात निर्यात में कमी आने के वातावरण में चीन का विदेशी व्यापार अब भी स्थिर रूप से आगे विकसित हो रहा है। यह इस बात का द्योतक है कि चीन का अर्थतंत्र मज़बूत है और भारी निहित शक्ति है। चीन के अर्थतंत्र का सागर किसी भी तूफ़ान का सामना कर सकता है।

इस साल के पहले पाँच महीनों में चीन के विदेशी व्यापार के आयात निर्यात में दो विशेषताएं हैं। पहला, आम व्यापार की विकास दर 6.1 प्रतिशत तक पहुंची, जिस से जाहिर है कि चीन के उद्योगों का बंदोबस्त हो रहा है और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीन की प्रतिस्पर्द्धा शक्ति और मजबूत की जा रही है।

दूसरा, हालांकि इस साल के पहले पाँच महीनों में चीन-अमेरिका व्यापारिक राशि में 9.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी, फिर भी यूरोपीय संघ, आसियान और जापान आदि प्रमुख बाजारों के साथ चीन के आयात निर्यात में विकास हुआ है। खास तौर पर बेल्ट एंड रोड से जुड़े देशों के साथ आयात निर्यात की विकास दर भी चीन के पूरे विदेशी व्यापार की विकास दर से 4.9 प्रतिशत अधिक है। इस से देखा जाता है कि चीन के विदेशी व्यापार के साझेदार विविध  होने लगे हैं। चीन अंतर्राष्ट्रीय बाजार के ढांचे का बंदोबस्त करने से विदेशी व्यापार के दबाव की मुकाबला क्षमता को निरंतर मजबूत कर सकता है।

वास्तव में तूफ़ान न होने वाला सागर सागर नहीं कहा जा सकता है। 1997 एशियाई वित्तीय संकट से 2008 अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संकट तक चीन का अर्थतंत्र हमेशा ही विविधतापूर्ण तूफ़ानों में आगे विकसित होता रहता है। विश्व की दूसरी बड़ी आर्थिक इकाई, पहला बड़ा औद्योगिक देश, पहला बड़ा कार्गो व्यापारिक देश और पहला बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार देश होने के नाते चीन की कुल आर्थिक मात्रा 900 खरब चीनी युआन को पार कर चुकी है। चीन के पास करीब 1.4 अरब आबादी वाला विश्व का सब से बड़ा उपभोग बाजार और विश्व की सब से परिपूर्ण उद्योग व्यवस्था है।

इस के बावजूद हाल में गति और कुल मात्रा चीन के अर्थतंत्र का दूसरा नाम नहीं रहा, उच्च गुणवत्ता वाला विकास चीनी अर्थतंत्र की विशेषता बन चुका है। हाल में चीनी आर्थिक विकास में अंदरुनी मांग की योगदान दर 100 प्रतिशत पारती है, जो चीन के आर्थिक विकास की प्रेरणा शक्ति बन चुकी है। विदेशी व्यापार पर चीनी अर्थतंत्र की निर्भरता दर 33 प्रतिशत है। चीन में आर्थिक ढांचे का निरंतर सुधार हो रहा है। 2018 में जीडीपी में चीन के वैज्ञानिक अनुसंधान की खपत का अनुपात करीब 2.18 प्रतिशत थी। आर्थिक विकास पर वैज्ञानिक व तकनीक प्रगति की योगदान दर 58.5 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

और तो और खुलापन चीनी आर्थिक सागर का सार है और अंतर्राष्ट्रीय पूंजी के लिए एक जोखिम से बचाने वाला अच्छा बंदरगाह भी है। इस साल के पहले चार महीनों में चीन में विदेशी पूंजी के प्रयोग में 6.4 प्रतिशत का इजाफ़ा हुआ। विश्व की अनेक मशहूर कंपनियों ने कहा कि वे चीनी बाजार में गहन रूप से प्रवेश करेंगे और चीन के उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास की प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।

चीनी अर्थतंत्र हमेशा ही विश्व आर्थिक सागर को स्थिर बनाने का इंजन है। कई वर्षों तक विश्व आर्थिक विकास में चीन की योगदान दर 30 प्रतिशत से अधिक रही थी। एशियाई-प्रशांत सहयोग संगठन(एपेक) का अनुमान है कि चीन विश्व जीडीपी के विकास का सबसे बड़ा योगदानकर्ता देश रहेगा।

हालांकि अमेरिका द्वारा छेड़े गए विवाद ने चीन के आर्थिक सागर में तूफ़ान ला दिया, फिर भी चीन में आर्थिक विकास की स्वस्थ व स्थिर स्थिति कभी नहीं बदलेगी। चीन अपने तरीके से सुधार को तेज़ करेगा, खुलेपन को गहरा करेगा और अपने काम को अच्छी तरह अंजाम देगा।

(साभार---चाइना रेडियो इंटरनेशनल ,पेइचिंग)   

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Web Title: China's economy is steadily moving ahead in the storm

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