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रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 24 सदस्य देशों ने संयुक्त रूप से पत्र लिखकर चीन की सिनच्यांग संबंधी नीतियों की आलोचना की। लेकिन हाल ही में 50 से अधिक देशों के राजदूतों ने संयुक्त रूप से संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के अध्यक्ष और मानव अधिकारों के लिए उच्चायुक्त के कार्यालय को पत्र भेजकर सिनच्यांग संबंधी मुद्दों पर चीन के रुख का समर्थन किया। इस बारे में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ह्वा छ्वनयिंग ने 29 जून को नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह बहुत स्पष्ट है कि सिनच्यांग संबंधी मुद्दों पर न्याय के पक्ष में कौन है। 

ह्वा छ्वनयिंग ने कहा कि चीन की आलोचना करने वाले सभी पश्चिमी विकसित देश हैं, जिनमें से कोई मुस्लिम देश नहीं है और कोई भी विकासशील देश नहीं है। लेकिन चीन का समर्थन करने वाले 50 से अधिक देश एशिया, अफ्रिका, लैटिन अमेरिका और यूरोप आदि महाद्वीपों के हैं, जिनमें से 28 इस्लामिक सहयोग संगठन के सदस्य देश हैं। तो सिनच्यांग के मुद्दे पर यह बहुत स्पष्ट है कि न्याय के पक्ष में कौन है।

ह्वा छ्वनयिंग ने यह भी कहा कि सिनच्यांग का वर्तमान सवाल धर्म और मानवाधिकार का मुद्दा नहीं, बल्कि आतंकवाद का विरोध और उग्रवाद मिटाने का है। आतंकवाद और उग्रवाद के खतरों के सामने सिनच्यांग ने कानून के अनुसार कदम उठाते हुए सिनच्यांग की सुरक्षा स्थिति को मजबूत किया है। पिछले तीन सालों में सिनच्यांग में आतंकी हमले नहीं हुए। चीन इन 24 देशों के संबंधित व्यक्तियों और अधिकारियों का सिनच्यांग की यात्रा करने और आतंकवाद व उग्रवाद के विरोध में सिनच्यांग के अनुभवों को सिखने का स्वागत करता है।

(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)

 

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Web Title: China supports 50 countries on cinchong related issues

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