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   कुछ अमेरिकी लोगों ने हाल ही में अमेरिका में प्रवेश होने वाली चीनी वस्तुओं के प्रति चरणों में टैरिफ़ बढ़ाने की बात कही, जिससे व्यापार घर्षण का जोखिम उन्नत हुआ। इस प्रकार की कार्रवाई तर्कसंगत रास्ते से दूर गई और सवाल के समाधान की कोशिश बेकार होगी। इस से न केवल चीन को, बल्कि अमेरिका खुद को भी नुकसान पहुंचेगा। इसके साथ ही सारी दुनिया की जनता के हितों को भी क्षति पहुंचेगी। 

   एक साल से अधिक समय में चीन ने अपने उचित अधिकारों व हितों की रक्षा करने के लिए विवश होकर तीन चरणों में दृढ़ रूख दिखाते हुए तर्कसंगत कदम उठाए। वर्तमान में व्यापार युद्ध के स्तर की उन्नति का खतरा मौजूद है, जिससे चीन, अमेरिका और विश्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसी वजह से चीन का विचार है कि अमेरिका में प्रवेश होने वाली 5.5 खरब अमेरिकी डॉलर की चीनी वस्तुओं के प्रति बढ़ाए गए टैरिफ़ को रद्द किया जाना, व्यापार युद्ध के स्तर की उन्नति को रोकने की फौरी जरूरत है।

    आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष की दूसरी तिमाही में अमेरिका में जीडीपी वृद्धि दर 2.1 प्रतिशत तक घट गई, जो पहली तिमाही की 3.1 फीसदी से बहुत कम है। व्यापार युद्ध के दौरान अमेरिका का अर्थतंत्र धीमा रहा। इसके साथ ही टैरिफ़ बढ़ाने के कदम से अमेरिकी किसान चीन का बड़ा बाज़ार खो रहे हैं। इस वर्ष एक हज़ार से ज्यादा अमेरिका फार्मों ने दिवालिया होने का आवेदन किया। इसके अलावा, चीनी वस्तुओं के प्रति उच्च टैरिफ की वजह से अमेरिकी व्यापारियों और उपभोक्ताओं को भी नुकसान पहुंचाया गया। जिससे अमेरिका में घरेलू आर्थिक लागत बढ़ गयी। पूर्व अमेरिकी वित्त मंत्री लॉरेंस एच. समर्स ने स्पष्ट रूप से कहा है कि चीन के खिलाफ़ अमेरिका का टैरिफ़ युद्ध जरूर विफल होगा। अमेरिकी कंपनियों को अरबों डॉलर की हानि पहुंचेगी।“वाशिंगटन पोस्ट”ने हाल में लेख प्रकाशित कर कहा कि इन्टरव्यू देने वाले 75 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों का विचार है कि आने वाले दो सालों में अमेरिका आर्थिक मंदी की चपेट में आएगा। 

इसी के साथ विश्व बैंक सहित अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने भी यह चेतावनी दी है कि अगर व्यापार घर्षण जारी रहा, तो विश्व के दायरे में आर्थिक मंदी होने का खतरा मौजूद रहेगा। इधर के दिनों में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने अमेरिका से व्यापार संरक्षणवाद को खत्म करने और वैश्वीकरण का समर्थन करने की अपील की। 

विश्व में सबसे बड़ी दो अर्थव्यवस्थाएं होने के नाते चीन और अमेरिका के हित भी मिश्रित हैं। सहयोग करना इन के लिए सबसे अच्छा चुनाव है। विचार विमर्श करने से समस्या का समाधान किया जा सकता है। चीन व्यापार युद्ध के विस्तार का विरोध करता है और ठंडे दिमाग से विचार विमर्श के जरिये सवाल को हल करने को तैयार है। आशा है कि अमेरिका भी तर्कसंगत तौर पर समानता और आपसी लाभ के आधार पर चीन के साथ समाधान तलाशने की कोशिश करेगा।   

व्यापार युद्ध में कोई भी विजेता नहीं बनेगा। सहयोग करने से दोनों को लाभ मिलेगा जबकि प्रतिद्वंद्विता करने से दोनों पक्षों को नुकसान पहुंचेगा। विचार विमर्श और सहयोग करना न केवल चीन और अमेरिका, बल्कि सारी दुनिया के लिए लाभदायक होगा।  

(साभार---चाइना रेडियो इंटरनेशनल ,पेइचिंग)

 

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Web Title: Business friction level can not solve the question

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